लखनऊ। भारतेंदु नाट्य अकादमी में विद्यार्थी रंगमंच के साथ अब संगीत की बारीकियां भी सीखेंगे। इसके साथ ही आधुनिक सुविधाओं से लैस कंप्यूटर लैब की भी स्थापना की जाएगी।
बीएन की स्थापना वर्ष 1975 में की गई थी। यहां नाट्य कला से संबंधित पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए देश के कोने-कोने से छात्र-छात्राएं आते हैं। नाटक के मंचन में संगीत अहम पक्ष होता है, लेकिन आश्चर्य की बात है कि 50 वर्षों में यहां संगीत की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं थी। अब जल्द ही अकादमी में संगीत कक्षा की स्थापना के साथ ही प्रशिक्षक की नियुक्ति भी की जाएगी।
भारतेंदु नाट्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. रतिभान त्रिपाठी ने बताया कि संगीत रंगमंच का अहम हिस्सा है। इसे ध्यान में रखते हुए अकादमी परिसर में ही संगीत कक्ष की स्थापना की जाएगी। कक्ष निर्माण का काम तेजी से चल रहा है, जिसे साउंडप्रूफ बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि संगीत कक्ष में परंपरागत के साथ आधुनिक वाद्ययंत्रों का भी संयोजन होगा, जिससे विद्यार्थियों को रंगमंच से संबंधित संगीत तैयार करने में आसानी होगी। प्रशिक्षक के रूप में संगीत विशेषज्ञ की तैनाती भी की जाएगी।
डॉ. रतिभान ने बताया कि अब नाटकों का मंचन हाईटेक होता जा रहा है। हमारे यहां परास्नातक करने वाले विद्यार्थियों को इसकी जानकारी होना बहुत जरूरी है। इसी के मद्देनजर अकादमी में अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब की भी स्थापना की जाएगी। यहां पर छात्र एनिमेशन, डिजाइनिंग और लाइटिंग के संबंध में जानकारी हासिल कर मंच के प्रस्तुतिकरण को बेहतर कर सकेंगे।