मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या के पुरातन, ऐतिहासिक, धार्मिक, आध्यात्मिक तथा सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए केंद्र व राज्य सरकार इसे प्राचीन गौरव के अनुरूप प्रतिष्ठित करने का कार्य कर रही हैं। अयोध्या को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ ही आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि अयोध्या में भजन संध्या स्थल, दशरथ महल, सत्संग भवन, यात्री सहायता केंद्र, रैन बसेरा, क्वीन हो मेमोरियल पार्क, रामकथा पार्क के विस्तारीकरण का कार्य चल रहा है। भजन संध्या स्थल का कार्य लगभग पूरा हो गया है। इस परियोजना की लागत 19.02 करोड़ रुपये है। 2.42 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले दशरथ महल, सत्संग भवन, यात्री सहायता केंद्र तथा रैन बसेरे का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। रामकथा पार्क के विस्तारीकरण की भौतिक प्रगति 90 प्रतिशत है। यह कार्य 31 दिसंबर तक पूर्ण हो जाएगा। क्वीन हो मेमोरियल पार्क का 50 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। इस परियोजना की लागत 21.92 करोड़ रुपये है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में राजर्षि दशरथ स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माणाधीन भवन का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। 79 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अयोध्या में ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का निर्माण भी कराया जा रहा है। 5.24 करोड़ रुपये लागत की इस परियोजना के पूर्ण होने की अनुमानित तिथि 31 दिसंबर है।
सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय रामलीला केंद्र तथा सांस्कृतिक मंच ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य क्रमश: 75 प्रतिशत एवं 56 प्रतिशत पूरा हो गया है। इन्हें 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। राम की पैड़ी पर अविरल जल प्रवाह के पहले चरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। दूसरे चरण के काम की भौतिक प्रगति 93 प्रतिशत है।