लखनऊ। दहेज में कार की मांग पूरी न होने पर पत्नी की हत्या के पांच साल पुराने मामले में एडीजे अदालत ने दोषी साबित हुए पति को 12 वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 1.1 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। एडीजे आशीष कुमार चौरसिया ने जुर्माने में से एक लाख रुपया वादी के परिवार को देने का आदेश दिया है।
मामला 3 फरवरी 2020 का है। दहेज में कार की मांग न पूरी होने पर पति नीतीश पांडेय ने पत्नी की हत्या कर दी थी। वादी व पिता संतोष कुमार मिश्रा ने मड़ियांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी ने बताया कि उनकी पुत्री प्रिया की शादी 24 फरवरी 2018 को आरोपी नीतीश के साथ हुई थी। वादी ने शादी में लाखों रुपये के उपहार और नकद दिए थे, लेकिन पति नीतीश, सास सुधा, ससुर सुरेंद्र पांडेय, जेठ अवनीश और जेठानी बीना कम दहेज के लिए प्रिया को प्रताड़ित करती थीं। दहेज में स्विफ्ट कार की मांग करते थे। बताया गया की 5 फरवरी 2020 को वादी की पुत्री ने फोन करके बताया कि आरोपी कार की मांग को लेकर उसे मार रहे हैं। इस पर जब वादी शाम 6 बजे प्रिया की ससुराल पहुंचा तो पता चला कि उसकी पुत्री की मौत हो गई है।
अदालत ने मामले ने आरोपी रहे ससुर सुरेंद्र कुमार पांडेय, सास सुधा पांडे, जेठ अवनीश पांडेय और जेठानी बीना उर्फ निधि पांडेय को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।