लखनऊ। दुबग्गा निवासी तांगा चालक रामकिशोर वाल्मीकि की हत्या उनकी दूसरी पत्नी सूफिया बानो ने प्रेमी मुन्ना और उसके दोस्त मो. इकबाल के साथ मिलकर की थी। पुलिस के मुताबिक, अवैध संबंधों का विरोध करने पर आरोपियों ने चाकू से गला रेतकर रामकिशोर की हत्या की थी और शव लकड़ी के बक्से में रखकर ई लोडर से मोहनलालगंज के भावाखेड़ा स्थित नहर में फेंक दिया था।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ वारदात में इस्तेमाल चाकू और ई लोडर बरामद किया है। शव ठिकाने लगाने में मदद करने वाले एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है।
डीसीपी दक्षिणी मो. मुश्ताक ने बताया कि रामकिशोर की शिनाख्त के बाद उनकी पहली पत्नी दुबग्गा के छंदोईयाखेड़ा निवासी कविता देवी ने बिजनौर निवासी सूफिया बानो और अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छिपाने की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने 170 से 180 सीसीटीवी कैमरों की मदद से जांच करते हुए नाबालिग ई लोडर चालक को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर सूफिया, मुन्ना और इकबाल को गिरफ्तार किया गया।
दो साल पहले किया था निकाह
डीसीपी के मुताबिक, सूफिया ने पूछताछ में बताया कि रामकिशोर से उसका करीब चार वर्ष से प्रेम संबंध था। दो वर्ष पहले दोनों ने निकाह कर लिया था। बाद में सूफिया के मुन्ना से संबंध हो गए। रामकिशोर के विरोध और पहली पत्नी कविता के पास दोबारा जाने और उसे खर्च देने को लेकर विवाद बढ़ने लगा। इसके बाद सूफिया और मुन्ना ने इकबाल को 25 हजार रुपये का लालच देकर हत्या की साजिश में शामिल किया।
सोते समय चाकू से किया हमला
साजिश के तहत मंगलवार रात सूफिया ने मुन्ना और इकबाल को घर बुलाया। दरवाजे की चिटकनी खुली छोड़ दी। देर रात दोनों घर पहुंचे और सो रहे रामकिशोर की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद खून के निशान मिटाने के लिए फर्श की लिपाई की और शव को बक्से में छिपा दिया। हत्या में इस्तेमाल चाकू कपड़ों के नीचे छिपा दिया गया। खून से सनी झाड़ू और रामकिशोर के कपड़े कमरे में रखे थे। बाद में शव ई लोडर से भावाखेड़ा नहर पुलिया के नीचे फेंक दिया।
सूफिया ने रामकिशोर के परिजनों को भी किया था फोन
रामकिशोर के भाई शानू के मुताबिक, उनका भाई करीब दो वर्ष से परिवार से अलग रह रहा था। परिवार में पत्नी कविता, दो बेटे और एक बेटी हैं। करीब 20 दिन पहले घर आने पर उसने सूफिया और उसके भाई से विवाद की बात बताई थी। मंगलवार रात 11:30 रामकिशोर ने फोन पर सूफिया के घर पर होने की जानकारी दी थी। करीब एक घंटे बाद सूफिया ने परिजनों को फोन कर उसके बिना बताए चले जाने की बात कही थी।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।