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..आखिर क्यों एलडीए के फ्लैट खरीदें लोग

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एलडीए के फ्लैट आखिर क्यों खरीदें लोग?
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ओएसडी संपत्ति ने वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखे मुद्दे, खुद मौके पर जाकर देखे हालात
अतुल भारद्वाज
एलडीए के करीब 3800 फ्लैट बनकर तैयार हैं, मगर इनको खरीदार नहीं मिल रहे हैं। इनकी कीमत करीब 1600 करोड़ रुपये होगी। बिना डिमांड बनाए गए ये फ्लैट अब इंजीनियरों और अधिकारियों की लापरवाही के चलते बिक नहीं पा रहे हैं। कहीं गंदगी, अतिक्रमण तो कहीं टूट-फूट इसकी बड़ी वजह हैं। इन फ्लैटों को बेचने में आ रही दिक्कतों को अब ओएसडी संपत्ति डीके सिंह ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से साझा किया है।
ओएसडी संपत्ति का कहना है कि जिन योजनाओं में फ्लैट नहीं बिक पा रहे हैं, वहां एलडीए को सौंदर्यीकरण पर ध्यान देना होगा। मैं खुद कई ग्रुप हाउसिंग की साइट पर गया, यहां मुझे ऐसी तैयारी नहीं मिली जिससे फ्लैट देखने आने वाले खरीदारों को आकर्षित किया जा सके। कुछ काम तो ऐसे हैं, जिनको आसानी से किया जा सकता है। जैसे, सामान्य टूट-फूट को ठीक करा दिया जाए। परिसर के अंदर व बाहर पड़े मलबे, मिट्टी की गंदगी को साफ कराया जा सकता है। हरियाली बढ़ाने पर काम हो। यह सब यहां नहीं किया जा रहा है। जबकि, एलडीए की प्राइम लोकेशन पर फ्लैट होने से इनको बेचा जाना आसान हो सकता है। इससे एलडीए को फ्लैट बेचकर शहर के विकास के लिए बजट मिल सकेगा।
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निर्माण किया, मलबा तक नहीं हटाया
एलडीए ने शारदानगर योजना में रतनलोक व रश्मिलोक अपार्टमेंट बनाए हैं। यहां बिल्डर ने निर्माण करने के बाद मलबा व मिट्टी तक साफ करने की जरूरत नहीं समझी। रश्मिलोक के बाहर सड़क पर गंदगी फैली हुई है। वहीं सड़क को भी दोबारा बनाया नहीं गया। परिसर में अंदर भी कहीं केबल तो कहीं निर्माण सामग्री व मशीनें खुले में पड़ी हैं। रतनलोक में भी यही हालत हैं। यहां मलबा व गंदगी के अलावा बड़ी समस्या सटी हुई जमीन पर मजार है। इसे अपार्टमेंट की तरफ से कवर करने के लिए बड़े पौधे लगाए जा सकते हैं।
सोपान एंक्लेव में कबाड़ बाजार का अतिक्रमण
एलडीए की प्रियदर्शिनी योजना में सोपान एंक्लेव-1, सोपान एंक्लेव 2 में महंगे फ्लैटों का निर्माण किया गया है। 3 बीएचके फ्लैट की कीमत यहां 72 लाख रुपये से अधिक है। इसके बाद भी यहां अपार्टमेंट के सामने मौजूद कबाड़ बाजार के अतिक्रमण को एलडीए हटवा नहीं पा रहा है। पूर्व में फ्लैट खरीद चुके आवंटी भी लगातार एलडीए में शिकायत दर्ज करा रहे हैं। पिछले सप्ताह ही एलडीए की टीम को हालात दिखा आवंटियों ने इससे हो रही दिक्कतें बताई थीं। जानकीपुरम योजना में जनेश्वर एंक्लेव के नहर रोड के तरफ के गेट और कुर्सी रोड पर भी अतिक्रमण बना हुआ है।
यह दिए गए सुझाव
- सैंपल फ्लैट सभी ग्रुप हाउसिंग में तैयार हों।
- टूट-फूट की मरम्मत कराई जाए।
- सफाई नियमित रूप से सुनिश्चित हो।
- निर्माण पूरे करने के बाद मलबा, गंदगी तुरंत हटे।
- ग्रुप हाउसिंग परिसर व आसपास हरियाली बढ़ाई जाए।
इन योजनाओं में फ्लैट खाली
रतनलोक, रश्मिलोक, आद्रा, दीपशिखा, अनुभूति, फाल्गुनी, मृगशिरा, सृजन, सोपान, पंचशील जानकीपुरम, मेघा, भरणी, अश्लेषा, श्रवण, जनेश्वर, स्मृति, सरयू, सरगम, सृष्टि, ऐशबाग हाइट्स, देवपुर पारा समाजवादी, जनेश्वर एंक्लेव, ऐशबाग हाइटस। इनके फ्लैट पहले आओ पहले पाओ में बेचे जा रहे हैं। इसके अलावा गोमतीनगर के पंचशील, पारिजात अपार्टमेंट में भी फ्लैट बिक्री के लिए बचे हुए हैं।
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रिक्त फ्लैटों को अगर बेचना है तो, इन अपार्टमेंट या ग्रुप हाउसिंग में पहले सफाई, हरियाली, रखरखाव कर सौंदर्यीकरण पर ध्यान देना होगा। इच्छुक खरीदारों को समझाने के लिए स्टाफ भी मौके पर होना चाहिए। इन प्रयास से एलडीए की संपत्तियां बेची जा सकती हैं। सभी ग्रुप हाउसिंग प्राइम लोकेशन पर मौजूद हैं। इसका फायदा हमें उठाना चाहिए।
- डीके सिंह, ओएसडी संपत्ति, एलडीए
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