निजी अस्पतालों को प्लाज्मा देगा केजीएमयू, कोरोना विजेता डोनर लाने पर मिलेगा प्लाज्मा
केजीएमयू अब निजी कोविड अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों को भी प्लाज्मा देगा। इसके लिए कोरोना से जंग जीत चुके एक डोनर को लाना होगा।
इसके लिए केजीएमयू नोडल सेंटर ने सभी अस्पतालों को पत्र भेजा है। वहीं, लोहिया संस्थान व पीजीआई अभी इस पर राजी नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि मांग के अनुरूप यहां अभी प्लाज्मा डोनेशन नहीं हो पा रहा है।
कोविड मरीजों के लिए प्लाज्मा थेरेपी वरदान साबित हो रही है। केजीएमयू को प्लाज्मा के लिए नोडल सेंटर बनाया गया है।
यहां पर अब तक 210 से अधिक कोरोना से जंग जीत चुके लोगों ने प्लाज्मा दान किया है। नोडल सेंटर होने की वजह से निजी या सरकारी कोविड सेंटरों में भर्ती कोविड रोगियों को भी केजीएमयू प्लाज्मा देगा।
इसके लिए कोरोना से जंग जीत चुके एक डोनर को लाना होगा। केजीएमयू ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ. तूलिका चंद्रा के मुताबिक, प्लाज्मा के लिए डोनर लाना जरूरी होगा।
बिना डोनर प्लाज्मा देने में असुविधा होगी। इसके लिए निजी सेंटर से मरीज का ब्लड ग्रुप भी मैच कराकर लाना होगा। उधर, लोहिया संस्थान के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि निजी व दूसरे सरकारी संस्थानों में अभी प्लाज्मा देने में संकट बना हुआ है।
मांग के अनुरूप प्लाज्मा डोनेशन नहीं हो पा रहा है। संस्थान में भर्ती गंभीर मरीजों के लिए ही प्लाज्मा उपलब्ध हो पा रहा है।
निजी सेंटर को 7500 रुपये में प्लाज्मा दे रहा पीजीआई
पीजीआई ब्लड बैंक प्रभारी प्रो. अनुपम वर्मा ने बताया कि अभी तक 41 लोगों ने प्लाज्मा डोनेशन किया है। निजी या सरकारी संस्थानों में प्लाज्मा देने पर मनाही नहीं है। निजी सेंटर से आने वाली मांग पर करीब 7500 रुपये शुल्क संग डोनर की मांग की जाती है। वहीं, सरकारी संस्थानों से मांग आने पर मुफ्त में मुहैया कराया जाता है, लेकिन डोनर जरूरी होता है।