फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोटों पर आखिर महात्मा गांधी की ही तस्वीर क्यों?

विज्ञापन
विज्ञापन
भारत में चलने वाली हर नोट में महात्मा गांधी की ही तस्वीर होती है। पांच रुपए से लेकर 1000 रु तक में सिर्फ महात्मा गांधी की ही तस्वीर होती है। ऐसा क्यों हैं? कभी सोचा है आपने। लेकिन जल्द ही लखनऊ हाईकोर्ट इस बारे में लोगों को यह बताएगा कि आखिर महात्मा गांधी ही नोटों में क्यों होते हैं।
विज्ञापन


दरअसल जनहित याचिकाएं लगाने वाले वकील अशोक पांडेय ने लखनऊ हाईकोर्ट में यह याचिका दायर की है। अपनी जनहित याचिका में उन्होंने पूछा है कि देश में इतने महापुरुष हैं लेकिन महात्मा गांधी की ही तस्वीर हर नोट में क्यों?

अमर उजाला से खास बात करते हुए अशोक पांडेय कहते हैं कि मेरा मकसद यह नहीं है महात्मा गांधी की तस्वीर सभी नोटों से हट जाए। मैने सिर्फ कोर्ट से ये पूछा है कि क्या भारत के इतिहास में महात्मा गांधी के अलावा ऐसा कोई महापुरुष है ही नहीं जिसे नोट में छापने के लायक समझा गया हो?
विज्ञापन

कुछ नाम भी दिए

अशोक पांडेय ने कोर्ट में जो जनहित याचिका दायर की है उसे कोर्ट ने स्वीकार्य कर लिया है। इस बारे बहस के लिए कोर्ट ने 2 जुलाई की डेट दी है। नोट पर गांधी ही क्यों जनहित याचिका दायर करने वाले अशोक पांडेय के मुताबिक उन्होंने अपनी याचिका में यह भी पूछा है कि क्या गांधी की जगह और कोई नहीं हो सकता।

उन्होंने इसके लिए कुछ नाम भी सुझाए हैं। चन्द्रगुप्त, कौटिल्य, चाणक्य, विवेकानंद आदि महापुरुषों के नाम वाली एक लिस्ट उन्होंने अपनी याजिका में लगाई है।  उन्होंने याचिका में लिखा है कि महात्मा गांधी का उत्‍थान आजादी के आसपास हुआ था। लेकिन भारत जैसा स्वर्णिम इतिहास रखने वाले देश के पास क्या आजादी के पहले के नायक नहीं हैं।

उन्होंने अपनी याचिका में अकबर और ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन काल के दौरान चलन में रहे सिक्कों का जिक्र किया है। उन्होंने कहा है कि जब उस दौर में राम दरबार या शिव प्रतिमा के चित्र सिक्कों में हो सकते थे तो आज क्यों नहीं?

अशोक पांडेय के अनुसार उन्हें इस बात से कोई दिक्कत नहीं है कि नोटों में गांधी की फोटो क्यों है? उन्हें इस बात से दिक्कत है कि नोटों में सिर्फ गांधी क्यों हैं।
विज्ञापन

पहले भी दायर कर चुके हैं कई चर्चित पीआईएल

गांधी ही नोटों पर क्यों? याचिका दायर करने वाले अशोक पांडेय पहले भी कई ऐसी याचिकाएं कोर्ट के समझ पेश कर चुके हैं जो चर्चाओं में रही हैं।

सबसे ज्यादा चर्चा में उनकी वह जनहित याचिका रही है जिसमें उन्होंने सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मसले को उठाते हुए उन्हें भारत के किसी महत्वपूर्ण संवै‌धानिक पद का मुखिया बनाए जाने पर सवाल उठाया था। य

2004 में उन्हें पीएम बनने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल कर चुके हैं। इसके अलावा अशोक पांडेय गर्वनरों को हटाने, लालू प्रसाद यादव के रेलमंत्री बनने, राम सेतु, मायावती के यूपी की सीएम बनने समेत कई मुद्दों से जुड़ी पीआईएल भी वे दायर कर चुके हैं। उनकी सभी जनहित याचिकाएं चर्चाओं में रही हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें