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मीडिया की नजरअंदाजी, आखिर क्यों?

Mon, 07 Oct 2013 03:00 PM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
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जॉर्ज शेफर्ड, हजरतगंज
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एक बार मुझे शाह नजफ रोड स्थित भारतीय बालिका विद्यालय इंटर कॉलेज जाने का मौका मिला।

यह कॉलेज मुझे कुछ अलग दिखा। जिस तरह वहां सबकुछ सुव्यवस्थित ढंग से चल रहा था यह देखकर मैं अचंभित हो गया। सड़क से सटे होने के बावजूद भी आपको जरा भी शोर स्कूल के बाहर नहीं सुनाई देगा।

मैं सोचने लगा क्यों इस तरह के संस्थानों, स्कूलों को न्यूजपेपर में जगह नहीं दी जाती है? क्या यह स्कूल अच्छे नागरिक नहीं बना रहा? क्या ये बच्चे अच्छे नागरिक नहीं हैं?
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क्या इस स्कूल के टीचर्स [ जो अपनी जिम्मेदारी बहुत अच्छी तरह निभा रहे हैं] टीवी पर आने का हुनर नहीं रखते? इस स्कूल की स्थापना प्रदेश की पहली महिला राज्यपाल सरोजनी नायडू ने सन् 1947 में की थी।

बहुत से लोगों को यह तक नहीं पता नहीं होगा कि इस स्कूल के लिए रोमन कैथेलिक चर्च ने जमीन दी थी।
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