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कांग्रेसी गढ़ रायबरेली-अमेठी को जीतकर तीन राज्यों में हार का गम कम करना चाहती है भाजपा

Sun, 16 Dec 2018 11:49 AM IST
Priyesh Mishra अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : social media
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कांग्रेस के लगातार हमलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार रविवार को यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली का दौरा कर रहे हैं। अभी तक अमेठी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की घेरेबंदी में जुटी भाजपा राफेल पर राहुल के तल्ख तेवरों के बाद सोनिया को उनके गढ़ में ही घेरने पर काम शुरू कर दिया है।

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पीएम मोदी यहां विकास की कई परियोजनाओं की शुरुआत करके इस कांग्रेसी किले से मिशन-2019 के लिए चुनावी शंखनाद करेंगे। मोदी ने वित्तमंत्री अरुण जेटली को रायबरेली में पहले ही सक्रिय कर दिया है। इस दौरे से साफ है कि भाजपा अमेठी के साथ-साथ रायबरेली में भी सियासी घेरा मजबूत करेगी, ताकि गांधी परिवार की परंपरागत सीट को फतह कर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की हार का झटका कम कर सके।

लोकसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही भाजपा और कांग्रेस में सियासी जंग तेज होती जा रही है। राहुल सीधे पीएम मोदी पर हमलावर हैं तो जवाब देने के लिए मोदी ने सोनिया के गढ़ को चुना है। माना जा रहा है कि मोदी रविवार को दोनों संसदीय क्षेत्रों की बदहाल तस्वीर खीचेंगे और विकास के एजेंडे के सहारे सियासी जंग को धार देंगे।

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वीवीआईपी क्षेत्र होने के बावजूद रायबरेली-अमेठी को कुछ हासिल नहीं हुआ

मोदी, रायबरेली को 1100 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात देने के बहाने गांधी परिवार को न सिर्फ कठघरे में खड़ा करेंगे बल्कि यह बताने की कोशिश करेंगे कि वीवीआईपी संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद रायबरेली-अमेठी को विकास के नाम पर कुछ हासिल नहीं हुआ। जैसा विकास होना चाहिए था, वैसा नहीं हुआ। लोगों को रोजगार नहीं मिला। सोनिया व राहुल ने जो वादे किए थे वे पूरे नहीं हुए।

रायबरेली-अमेठी में वार से आर-पार की लड़ाई का संदेश

स्मृति ईरानी के माध्यम से भाजपा बीते साढ़े चार साल में जितना अमेठी में सक्रिय दिखी, उतनी रायबरेली संसदीय क्षेत्र में नहीं। पर, लगता है कि भाजपा ने अब रायबरेली पर भी फोकस कर लिया है।

इसीलिए पिछले लोकसभा चुनाव में मोदी ने रायबरेली में भले ही कोई चुनावी सभा नहीं की थी, लेकिन इस बार चुनावी बिगुल फूंकने के लिए रायबरेली को ही चुना है। इसके जरिये वे कांग्रेस के साथ आरपार की सियासी लड़ाई लड़ने का संदेश देंगे। इसके लिए मोदी ने विकास को मुद्दा चुना है।
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कांग्रेस दिग्गजों को उनके ही घरों में घेरेबंदी की रणनीति

तीन राज्यों में सत्ता छिनने के बाद भाजपा अब कांग्रेसी दिग्गजों की उनके ही गढ़ों में घेरेबंदी करके 2019 के सियासी समीकरणों को दुरुस्त करने की मुहिम में जुटी है। मोदी का रायबरेली दौरा इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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