प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांसदों की क्षेत्रों में सक्रियता को लेकर कई बार सवाल उठा चुके हैं। सांसद आदर्श ग्राम योजना को लेकर हिदायत दे चुके हैं। पिछले दिनों खबरें आई थीं कि प्रदेश में भाजपा के आधे से ज्यादा सांसदों के टिकट कट सकते हैं। इस तरह की भी चर्चाएं हैं कि 2019 में भाजपा बाहर से आकर सांसद बने कई लोगों के स्थान पर काडर के लोगों का ज्यादा टिकट देगी। वैसे भी पार्टियां किसी चुनाव में सभी मौजूदा सांसदों व विधायकों को टिकट नहीं देतीं।
ऐसा लग रहा है कि इन जैसे कुछ सांसदों को लग रहा है कि दलितों के सवाल पर या दलित होने के नाते अपने साथ अन्याय पर मुखर होकर सवाल उठाएंगे तो पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनेगा। दलितों की नाराजगी के खतरे को देखते हुए शायद उनका टिकट न कटे। अगर कटेगा भी तो दलितों के सवाल पर भाजपा को घेरने का पुरस्कार उन्हें सपा या बसपा जैसे दलों से मिल सकता है।
सांसद सावित्री बाई फुले
- फोटो : amar ujala
बहराइच से भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले आरक्षण के मुद्दे पर अपनी ही सरकार पर निशाना साधे हैं। इटावा से पार्टी सांसद अशोक दोहरे की नाराजगी है कि एससी-एसटी एक्ट पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ आंदोलन की आड़ में दलितों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन पर फर्जी मुकदमे कायम किए जा रहे हैं।
राबर्ट्सगंज से सांसद छोटेलाल खरवार का दर्द है कि भाजपा के लोगों ने ही उनके ब्लॉक प्रमुख भाई को साजिश करके हटवा दिया। उन्होंने विरोध किया तो उन्हें बुरा-भला कहा, पिस्तौल तान दी, जाति का नाम लेकर अभद्र बातें कहीं। वे पुलिस में गए तो रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बकौल छोटेलाल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के यहां गए तो वहां से भी डांटकर भगा दिए गए।