जांच टीम ने दिन भर की छानबीन
एडीजी एसबी शिरडकर के नेतृत्व में पूरे दिन पिकप भवन में रहा टीम का डेरा
पिकप भवन में बुधवार शाम को लगी आग हादसा थी या साजिश यह पता लगाने के लिए एडीजी इंटेलीजेंस एसबी शिरडकर ने बृहस्पतिवार पिकप भवन पहुंचकर दिन भर छानबीन की। इस दौरान बिल्डिंग को पुलिस ने पूरी तरह से घेर रखा था। किसी को भी अंदर जाने-आने की इजाजत नहीं दी गई।
पिकप भवन में कई विभागों के दफ्तर हैं। इसमें औद्योगिक विकास विभाग, जैव विविधता बोर्ड, एड्स कंट्रोल बोर्ड और आयकर विभाग के कार्यालय हैं। बुधवार को लगी आग ने इस बिल्डिंग के कई तल को अपनी चपेट में ले लिया था। बृहस्पतिवार को इन सभी कार्यालयों पर पुलिस का पहरा था। सिर्फ उन्हीं लोगों को अंदर जाने की इजाजत मिल रही थी, जिनका बुलावा आ रहा था। आग के कारण बिल्डिंग की बिजली गुल हो गई है। जांच अधिकारी के साथ फॉरेंसिक की टीम और एक्सपर्ट भी थे जो आग लगने की वजहों का पता लगाने की कोशिश कर रहे थे। आग के कारण न सिर्फ महत्वपूर्ण फाइलें जली हैं बल्कि कई कंप्यूटर और हार्ड डिस्क भी नष्ट हो गई हैं। फॉरेंसिक टीम उन हार्ड डिस्क का डेटा रिकवर करने की कोशिश करेगी। फिलहाल मुख्यमंत्री ने 48 घंटे का समय जांच के लिए दिया है। यह जांच शुक्रवार को भी जारी रहेगी।
बिल्डिंग में तीसरे तल पर जैव विविधता बोर्ड का दफ्तर है। बोर्ड के सचिव एसपी यादव ने बताया कि उनके विभाग की कुछ फाइलें बाहर रखी थीं जो जल कर राख हो गई हैं। उनके कार्यालय का एसी, कंप्यूटर आलमारियों के ऊपर रखी फाइलें जल गई हैं। जो फाइलें आलमारी के अंदर रखी थीं उनकी स्थिति का पता नहीं है। यादव ने बताया कि कंप्यूटर की हार्ड ड्राइव भी पूरी तरह से जली है या नहीं यह देखने के बाद ही पता चलेगा। फिलहाल किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं है, जिसकी वजह से यह बता पाना संभव नहीं है कि नुकसान कितने का हुआ है।
जांच के बाबत एसबी शिरडकर ने फिलहाल कुछ भी कहने से मना कर दिया। वहीं विभागों के कर्मचारी भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं। नाम न छापे जाने की शर्त पर बिल्डिंग में ही काम करने वाले एक कर्मी ने बताया कि इस आग की घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। जांच सही हुई तो इसमें कई बड़े अधिकारी भी फंसेंगे। विभागों में होने वाले भ्रष्टाचार पर हाल ही में मुख्यमंत्री ने सख्ती दिखाई थी और विभिन्न विभागों के ऑडिट की बात कही थी। हालांकि सच क्या है और आग लगने की वजह क्या है? यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। मालूम हो कि बुधवार की शाम इस बिल्डिंग में भीषण आग लग गई थी, जिसमें कई विभागों की कई महत्वपूर्ण फाइलें भी जलकर खाक हो गईं।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के दफ्तर पर आग का असर नहीं
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के परीक्षा नियंत्रक विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि पिकप भवन में आग लगने का कोई भी प्रभाव आयोग के कार्यालय पर नहीं पड़ा है और सभी अभिलेख सुरक्षित हैं। मिश्र ने बताया कि आयोग का कार्यालय पिकप भवन के बी-1 व बी-2 ब्लॉक के तृतीय व पंचम तल पर स्थित है। इस आग का कोई भी प्रभाव आयोग के कार्यालय पर नहीं पड़ा और सभी अभिलेख पूरी तरह सुरक्षित हैं।