विधानसभा में मिले क्रिस्टल पाउडर के बेहद खतरनाक विस्फोटक पीईटीएन होने का पता चलते ही हड़कंप मच गया। पुलिस, एटीएस व अन्य एजेंसियों के अफसरों ने छानबीन शुरू की। सवाल उठा कि पीईटीएन से विस्फोट के लिए डेटोनेटर की जरूरत होती है।
बगैर डेटोनेटर के पीईटीएन को सदन में ले जाने की मंशा क्या थी और उसे कौन ले गया? एडीजी जोन अभय कुमार प्रसाद ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने विधान भवन का चप्पा-चप्पा खंगाला लेकिन डेटोनेटर नहीं मिला।
राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधायकों के अलावा मार्शल, सफाई कर्मी, बिजली मैकेनिक ही विधानसभा में जाते हैं। सफाई कर्मी, बिजली मैकेनिक के विधानसभा में प्रवेश से पहले तलाशी ली जाती है और मार्शल की मौजूदगी में वे अपना काम करके लौटते हैं।
विधानसभा में पीईटीएन ले जाने वाला जानता था कि वह मेटल डिटेक्टर की जद में नहीं आएगा और उसकी गहन तलाशी नहीं ली गई। विभिन्न बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है।