विपक्षी दलों ने रेल बजट की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जिस उत्तर प्रदेश ने भाजपा के 71 और एनडीए के 73 सांसद जिताए हैं, रेल बजट में उस राज्य को मायूसी हाथ लगी है। प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, रक्षामंत्री और रेल राज्यमंत्री देने वाला यूपी बजट में खाली हाथ है।
रेल बजट में बातें अधिक दिखती हैं, काम कम। सपने दिखाने वाले बजट में आम आदमी के लिए कुछ नहीं है। न तो यात्रियों के लिए सुविधाएं बढेंगी और न ही सुरक्षा की गारंटी मिली है। सुरेश प्रभु ने ट्रेन यात्रियों को शब्दों के जाल से छलने की कोशिश की है।
रेल बजट पर पूर्व विधायक व सपा नेता साहिब सिंह ने इसे देश का सबसे निराशाजनक और बेमतलब रेल बजट करार दिया।
रेलवे की पूंजी घरानों को सौंपने की तैयारी
कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए को 73 सांसद देने वाला उत्तर प्रदेश रेल बजट में खुद को छला महसूस कर रहा है। ऐसा लगता है कि मोदी सरकार रेलवे को पूरी तरह पूंजीपतियों और कॉर्पोरेट घरानों को सौंपने के लिए प्रयासरत है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री ने कहा, चुनाव के दौरान खुद को आम आदमी का मसीहा बताने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का झूठ रेल बजट में उजागर हुआ है। पूरे देश में एक भी नई रेलगाड़ी तथा नए क्षेत्रों को जोड़ने का प्रावधान न किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
डॉ. खत्री ने कहा कि बजट में प्रायोजित योजनाओं के जरिये रेल और रेलवे स्टेशनों के नाम व्यापारिक घरानों को देने का प्रावधान किया गया है।
अब वह दिन दूर नहीं है जब देश के धार्मिक एवं एतिहासिक नगरों जैसे अजमेर, अयोध्या, मथुरा, वाराणसी, लखनऊ आदि स्थान अडानी, अंबानी व दूसरे कॉर्पोरेट घरानों के नाम से जाने जाएंगे।
देश के इतिहास में इससे बेकार रेल बजट नहीं
वरिष्ठ सपा नेता और पूर्व मंत्री शतरुद्ध प्रकाश का कहना है कि रेल बजट मुसाफिरों की सुविधाओं के बजाय महकमे के रखरखाव का बजट है। केंद्र सरकार पूर्व में जो घोषणाएं कर चुकी है, उनकी कुछ झलक इसमें दिखाई दे रही है। शतरुद्ध ने कहा, ऐसा लगा नहीं कि देश का रेल बजट पेश किया गया है।
बहुचर्चित बुलेट ट्रेन चलाने के लिए भी केंद्र सरकार सिर्फ बुलेट तैयार करेगी। पटरी और डिब्बे बनाएगी। पूर्व विधायक और सपा नेता साहब सिंह ने कहा कि देश के इतिहास में इससे निराशाजनक और बेमतलब बजट पहले कभी पेश नहीं किया गया।
सपने दिखाने से सुगम नहीं होगा सफर : रालोद
राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान ने मोदी सरकार के रेल बजट को आंकड़ों की बाजीगारी बताया। कहा, उच्च वर्ग के लिए शताब्दी में ऑन बोर्ड मनोरंजन तथा वाई-फाई का प्रस्ताव तो है लेकिन गरीब के सफर को सुगम बनाने पर ध्यान नहीं दिया गया।
रालोद के राष्ट्रीय सचिव अनिल दुबे ने कहा कि पिछले बजट में लखनऊ समेत देश के प्रमुख स्टेशनों को मॉडल स्टेशन बनाने की बात कही गई थी। लखनऊ के गोमती नगर टर्मिनल को विश्व स्तरीय स्टेशन बनाने की घोषणा को रेल मंत्री भूल गए हैं।
भाजपा के अनुसार है ऐतिहासिक बजट
भाजपा ने रेल बजट को आधारभूत ढांचे को मजबूत करने वाला बताया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि रेल बजट ऐतिहासिक है।
रेल यात्री किराए में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जिससे महंगाई काबू में रहेगी। ट्रेन की सुरक्षा एवं संरक्षा पर केंद्रित इस बजट से यात्रा सुरक्षित होगी।
भाजयुमो के प्रदेश मीडिया प्रभारी सत्यव्रत त्रिपाठी ने कहा है कि रेल बजट में 200 नए आदर्श स्टेशन बनाने का वायदा है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से सरकार विकास के लिए पंचवर्षीय योजनाएं बनाती है, उसी तर्ज पर बजट में रेलवे के विकास के लिए पांच साल की योजना बनाई गई है।