सैन्य अनुशासन से मंदिर प्रबंधन तक
राम मंदिर के पहले सीईओ के रूप में मिश्रा की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब मंदिर निर्माण के चरण से आगे बढ़कर व्यवस्थित संचालन और व्यापक धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, कर्मचारी प्रबंधन, श्रद्धालु सुविधाओं का विस्तार और विभिन्न विभागों व एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जैसी चुनौतियां महत्वपूर्ण होंगी। ऐसे में भारतीय वायुसेना में हासिल उनका अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, रणनीतिक प्रबंधन और बड़े संस्थानों के संचालन का अनुभव राम मंदिर की व्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भोपतपुरा से अयोध्या तक नया अध्याय
देवरिया के छोटे से गांव भोपतपुरा से निकलकर भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने वाले एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा के करियर में अब एक नया अध्याय जुड़ गया है। देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र राम मंदिर के पहले सीईओ के रूप में अब उनके सामने एक विशाल और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है। उनकी नियुक्ति से उम्मीद की जा रही है कि सैन्य सेवा से अर्जित प्रशासनिक दक्षता और अनुशासन का अनुभव राम मंदिर की संचालन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने में उपयोगी साबित होगा।