बिना सूचना के सर्वर से एक साथ बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटरों की सप्लाई बंद करने का कमांड कैसे दे दिया गया? जिसने ऐसा किया वह इसके लिए अधिकृत था भी या नहीं? किसने गलत क मांड दिया और उसका स्रोत कहां था?
12 अगस्त को जन्माष्टमी के दिन प्रदेश में बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं की बिजली गुल होने के मामले की जांच कर रही एसटीएफ व मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी की अध्यक्षता वाली समिति के सामने इन सवालों के जवाब तलाशने की बड़ी चुनौती है।
एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह शक्ति भवन स्थित नियंत्रण कक्ष से स्मार्ट मीटर सिस्टम से जुड़ी जानकारियां जुटा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार शुरुआती पड़ताल में स्मार्ट मीटर सिस्टम की निगरानी करने वाली एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) व एलएंडटी के लोग भी नहीं बता पाए कि आखिर इतनी बड़ी चूक हुई कैसे?
अभी तक यही साफ नहीं हो पा रहा है कि गलत कमांड किसने दिया। सूत्रों का कहना है कि ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पावर कॉर्पोरेशन के आला अधिकारियों को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब प्रदेश में बिजली के क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर सुधार की प्रक्रिया चल रही है तो विभागीय अधिकारी निजी कंपनी या किसी दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर कैसे बच सकते हैं?