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अनुशासन का रट्टा लगाए है अफसर

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आखिर 200 छात्रों ने किसके दबाव में कराई जीरो मशीन से कटिंग
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लोहिया संस्थान : एंटी रैगिंग सेल ने कहा- छात्रों ने दहशत में नहीं, अनुशासन के लिए कटाए बाल
लोहिया संस्थान में शनिवार दोपहर 200 जूनियर छात्रों के बालों की जीरो मशीन से कटाई और शर्ट की तीसरी बटन पर नजरें झुकाए कतार में चलने की उनकी तस्वीरों से साफ पता चल रहा था कि वे दबाव में हैं। अफसरों से पूछा गया कि क्या यह रैगिंग है? जवाब आया यह रैगिंग नहीं, अनुशासन है। संस्थान की एंटी रैगिंग सेल रविवार को फर्स्ट ईयर के छात्रों से मिलने हॉस्टल गई। उनका कहना था कि जूनियर छात्रों ने कहा कि उन्होंने दहशत में सीनियर के इशारे पर जीरो मशीन से बाल की कटिंग नहीं कराई है। इस मामले में निदेशक से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन वह बयान देने से बचते रहे।
सितंबर से जारी हुआ था फरमान
लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में 16 अगस्त से शैक्षिक सत्र शुरू हुआ। एमबीबीएस बैच के 200 छात्रों ने प्रवेश लिया था। सूत्रों के मुताबिक, सितंबर के पहले हफ्ते में सीनियर छात्रों ने बैच के सभी छात्रों को जीरो नंबर मशीन से सिर मुंडवाने का फरमान जारी किया था। बताया जा रहा है कि सीनियर के खौफ से कोई भी जूनियर छात्र मुंह खोलने को राजी नहीं है।
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एंटी रैगिंग सेल ने की थी लीपापोती
लोहिया संस्थान में जूनियर छात्रों ने एक सितंबर को रैगिंग का आरोप लगाया था। इसमें दो सीनियर छात्रों को तलब किया गया। इसमें एक 2017 व दूसरा 2018 बैच एमबीबीएस छात्र है। संस्थान के अफसरों ने कार्रवाई की बजाय सीनियर छात्रों को सिर्फ नोटिस देकर मामले को दबा दिया था। हालांकि संस्थान के प्रवक्ता डॉ. विक्रम का कहना है कि लोहिया संस्थान में एंटी रैगिंग सेल बनी हुई है। इसमें करीब आठ सदस्य हैं। जो समय-समय पर हॉस्टल में जाकर छात्रों से बातचीत करते हैं।
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दावा : छात्रों ने कहा- यह रैगिंग नहीं
हॉस्टल में जाकर अफसरों ने कई छात्रों से अलग-अलग बात की। उनके बाल छोटे रखने के बारे में पूछताछ किया, लकिन कोई भी छात्र इसे रैगिंग का हिस्सा नहीं मान रहा है।
डॉ. विक्रम, प्रवक्ता, लोहिया संस्थान
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