लखनऊ। यूपी बोर्ड परीक्षा में बीमारी का हवाला देकर छुट्टी पर जाने वाले तीन सरकारी इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों की जांच सीएमओ से कराने का आदेश डीआईओएस ने दिया तो दो प्रधानाचार्याें ने ड्यूटी संभालने में ही भलाई समझी। इन सभी की ड्यूटी बाह्य केंद्र व्यवस्थापक के तौर पर लगी थी और ये पहले दिन हिंदी विषय की परीक्षा में नहीं मौजूद थे।
कंट्रोल रूम से जब इस बात की जानकारी विभाग को मिली तो सख्ती शुरू हुई। इस संबंध में अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में खबर भी प्रकाशित की थी। डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने ऐसे शिक्षकों को लेकर सख्त आदेश जारी किया है कि कोई भी शिक्षक परीक्षा के समय अचानक छुट्टी पर नहीं जा सकता। कोई भी अवकाश बिना सीएमओ के प्रमाण पत्र के मंजूर नहीं होगा। इसके बाद बीमारी का हवाला देकर छुट्टी पर जाने वाले प्रधानाचार्यों से सीएमओ की ओर से जारी मेडिकल प्रमाण पत्र मांगा गया था।
डीआईओएस ने बताया कि राजकीय हाईस्कूल पहाड़पुर बीकेटी की प्रधानाध्यापक ऊषा रानी ने बीकेटी इंटर कॉलेज में बाह्य केंद्र व्यवस्थापक की ड्यूटी करने और दिगंबर जैन इंटर कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य आशुतोष पांडेय ने कॉलेज में रहकर बच्चों को पढ़ाने के लिए कहा है। आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अहिमामऊ के प्रधानाचार्य का जवाब नहीं आया है।