लोगों से फीडबैक लेते निदेशक वाणिज्य।
लखनऊ। बिजली महकमे की किरकिरी कराने वाले स्मार्ट मीटरों की स्पीड का फीडबैक लेने के लिए शनिवार को पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक वाणिज्य प्रशांत वर्मा टीम के साथ राजभवन खंड के सिकंदरनगर व नरही के उपभोक्ताओं के बीच पहुंचे। निदेशक ने उपभोक्ताओं की चौखट पर दस्तक देकर सवाल किया कि स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान आपको जागरूक किया गया या नहीं। ज्यादातर उपभोक्ताओं ने कंपनी के कर्मियों की लापरवाही की पोल खोली और कहा स्मार्ट मीटर के बारे में किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी गई।
टीम सबसे पहले शाम चार बजे गोमती नदी बंधा किनारे बसी बस्ती सिकंदरनगर पहुंची। यहां खुद निदेशक ने घरों में लगे स्मार्ट मीटर देखे, फिर 10-12 लोगों से सवाल कि इसको कैसे रिचार्ज करेंगे, बिल कैसे जमा करेंगे, एप की जानकारी है। अल्प एवं मध्य श्रेणी आय वर्ग की इस बस्ती में ज्यादातर लोगों ने निदेशक को बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान नहीं बताया गया कि अब बिल नहीं आएगा। मोबाइल पर आने वाले मेसेज को दिखाकर बिलिंग काउंटर पर जाकर जमा करना पड़ेगा। इस टीम में मध्यांचल निगम, इलाकाई इंजीनियर एवं मीटर कंपनी के जिम्मेदार शामिल थे।
चेहरे पर मेसेज आने का दर्द दिखा
निदेशक शाम पांच बजे नरही के श्यामा चौराहे पर उपभोक्ताओं के बीच पहुंचे। उन्होंने 15-16 उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर को रिचार्ज करने वाले एप के बारे में पूछा। यहां 8-10 उपभोक्ताओं ने एप के बारे में जानकारी होने की बात कही, लेकिन ज्यादातर उपभोक्ताओं के चेहरे पर स्मार्ट मीटर से संबंधित मोबाइल पर रोजाना आने वाले मेसेज का दर्द दिखा, जिसको बयां करते हुए कहा कि बिल जमा होने पर भी संदेश आता है कि आपका बिल इतना बकाया है।