दुबग्गा के जेहटा गांव में रोते-बिलखते परिजन और ग्रामीण।
लखनऊ। दुबग्गा के जेहटा निवासी मोहित गौतम व मोनू कश्यप और माल के लोहजरा गांव निवासी धीरेंद्र यादव का शव बृहस्पतिवार दोपहर उनके गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। मोहित व मोनू की अर्थी एक साथ उठी, जबकि धीरेंद्र का उनके गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
बुधवार को उन्नाव के औरास में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर हुए सड़क हादसे में तीनों दोस्तों की मौत हो गई थी।
मोहित गौतम की 13 नवंबर को शादी तय थी, घर में तैयारियां जोरों पर थीं, लेकिन हादसे ने खुशियां मातम में बदल दीं। अंतिम संस्कार में मोहित की मंगेतर और उसके परिजन भी पहुंचे, जिनका रो-रोकर बुरा हाल था। मोहित गौतम के परिवार में तीन भाई और दो बहनें हैं। मोनू कश्यप के परिवार में मां जानकी और दो छोटे भाई नितिन व सत्यपाल हैं, पिता का पहले ही निधन हो चुका है।
अंतिम संस्कार में मोहनलालगंज सांसद आरके चौधरी, सपा नेता सीएल वर्मा, सोनू कन्नौजिया, बसपा नेता जगदीश रावत, सरवन गौतम व कई जनप्रतिनिधि भी पहुंचे और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया।
दुबग्गा के जेहटा गांव में रोते-बिलखते परिजन और ग्रामीण।