मुजफ्फरनगर दंगे के ढाई माह बाद भी वेस्ट यूपी में हैंडपंप के पानी की धार नहीं बढ़ पा रही।
सियासी जलस्तर गिरा तो पानी की धार तेज करने की कोशिशें कामयाब नहीं हो रहीं। हवा में उड़ने वाले मंत्री जमीन पर आकर इन्हीं हैंडपंपों से पानी निकालते हैं।
उन्होंने और उनके साहबजादे ने मुजफ्फरनगर जाकर पानी की तलाश में बोरिंग कराने के प्रयास किए। उनके सिपहसालार भी इस काम में जुटे हैं।
कुछ सहानुभूति जरूर मिली लेकिन सियासत वोटों से चलती है और यही गणित गड़बड़ाया हुआ है। वेस्ट यूपी के एक पुराने नेता बड़ी साफगोई से कहते हैं अभी तो जाट नाराज हैं, मुसलमान भरोसा नहीं कर रहे।
अब चिंतन यही है कि कैसे सियासी जलस्तर बढ़े और हैंडपंप से तेज धार से पानी निकले।