लखनऊ। गोमतीनगर स्थित संगीत भवन में शास्त्रीय संगीत की साधना से पुराने वर्ष को विदाई और नए वर्ष का स्वागत किया गया। संगीत भवन अकादमी की ओर से विवेकखंड स्थित संगीत भवन में आयोजित वर्षांत समारोह में प्रशिक्षण ले रहे बच्चों और युवाओं ने गणपति वंदना, राग यमन, राग बिहाग, दुर्गा चालीसा और हनुमान चालीसा जैसी प्रस्तुतियों के माध्यम से सनातन सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सौम्या गोयल की गणपति वंदना से हुआ। एकल प्रस्तुतियों में अविका गांगुली ने राग यमन में ‘गागर ना भरन देत...’ और अथर्व श्रीवास्तव ने राग बिहाग में ‘आली रे अलबेली...’ प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। मीहिका गांगुली ने सितार और अर्चित अग्रवाल ने तबला वादन से संगत को सशक्त बनाया।
अव्युक्ता श्रीवास्तव, आद्रिका मिश्रा, कर्णिका सिंह, सौम्या गोयल, अविका गांगुली, अथर्व श्रीवास्तव और मीहिका गांगुली ने सामूहिक रूप से दुर्गा चालीसा और हनुमान चालीसा की प्रस्तुति देकर यह संदेश दिया कि आधुनिकता के साथ संस्कारों का संतुलन भी संभव है।
कार्यक्रम में शिक्षाविद रुद्रेंद्र बसक ने कहा कि शास्त्रीय संगीत के माध्यम से नई पीढ़ी का अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ना उत्साहवर्धक है। विशिष्ट अतिथि के तौर पर उस्ताद शेख इब्राहिम, स्टोरीमैन जीतेश श्रीवास्तव, डॉ. एसके गोपाल, रत्ना व आनंद अस्थाना मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन स्मिता पांडेय ने किया। अकादमी की प्रबंध प्रबंधक निवेदिता भट्टाचार्या ने मेहमानों का स्वागत किया। इस मौके पर संगीत गुरु गायत्री कमल डेविड, तुषार क्रांति भट्टाचार्य, सुमन मिश्रा, शिखा गांगुली आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
गोमतीनगर स्थित संगीत भवन में शास्त्रीय संगीत की साधना से पुराने वर्ष को विदाई और नए वर्ष का स्
गोमतीनगर स्थित संगीत भवन में शास्त्रीय संगीत की साधना से पुराने वर्ष को विदाई और नए वर्ष का स्
गोमतीनगर स्थित संगीत भवन में शास्त्रीय संगीत की साधना से पुराने वर्ष को विदाई और नए वर्ष का स्