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इस वेबसाइट के जरिए सोशल साइट्स पर ढूंढ़े जा सकेंगे लापता बच्चे

Tue, 26 Apr 2016 10:35 AM IST
संजय त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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facebook - फोटो : getty images
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लापता बच्चों को अब सोशल साइट पर भी ढूंढा जा सकेगा। प्रदेश के सभी थानेदारों को लापता या लावारिस मिले बच्चों का ब्योरा माई मिसिंग बेबी डॉट कॉम वेबसाइट पर अपलोड करने के आदेश दिए गए हैं। 
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वेबसाइट को फेसबुक व ट्विटर से जोड़ा गया है। पुलिस अफसरों का मानना है कि लापता बच्चों की तलाश में दर-दर भटक रहे अभिभावकों और विवेचकों के लिए वेबसाइट काफी मददगार साबित होगी। 

डीजीपी मुख्यालय से एसपी क्राइम राकेश शंकर ने प्रदेश के सभी जिलों व रेलवे पुलिस के एसपी/एसएसपी को लापता बच्चों की तलाश में www.mymissingbaby.com की मदद लेने के निर्देश दिए हैं। 
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लापता बच्चों की विभिन्न तरीकों से तलाश के साथ विवेचक द्वारा बच्चे की फोटो सहित ब्योरा वेबसाइट पर तुरंत अपलोड कराने को कहा गया है। इसी तरह लावारिस मिले बच्चों की भी फोटो सहित ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। 

माना जा रहा है कि लापता व लावारिस मिले बच्चों का ब्योरा एक ही वेबसाइट पर अपलोड होने से उन्हें ढूंढने में काफी मदद मिलेगी। ऐसा देखा गया है कि अक्सर एक स्थान से लापता बच्चा किसी दूसरे शहर में लावारिस हालत में मिलता है। 

उसके द्वारा नाम व पता बता न पाने की स्थिति में अभिभावकों का पता लगाने में खासा समय लगता है। वहीं, दूसरे जिले या थाने की पुलिस उस बच्चे को ढूंढ रही होती है। 
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अपनी बच्ची के गुम होने पर प‌िता ने तैयार की वेबसाइट

Missing
उल्लेखनीय है कि लखीमपुर खीरी के मूल निवासी व जयपुर की एक निजी कंपनी में कार्यरत अनुराग मिश्रा ने अपनी मासूम बच्ची के लापता होने पर बच्चे के गुम होने की पीड़ा महसूस की और लापता बच्चों की तलाश के लिए वेबसाइट तैयार की थी। 

राजस्थान पुलिस ने वेबसाइट की मदद से अनेक गुम बच्चों का पता लगाया और लावारिस बच्चों को उनके माता-पिता तक पहुंचाया। अनुराग ने प्रदेश में बड़ी संख्या में लापता हो रहे बच्चों की तलाश के सिलसिले में गत दिनों डीजीपी को पत्र लिखा था। 

इस पर आईजी क्राइम ने एसपी राकेश शंकर को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अनुराग मिश्रा ने बताया कि वेबसाइट को फेसबुक व ट्विटर से जोड़ा गया है। इसके अलावा वॉट्सएप व अन्य सोशल साइट से जोड़ने के प्रयास हैं। 

अनुराग मिश्रा ने जानकारी दी कि रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, मेला व अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अक्सर बच्चे लापता होते हैं और लावारिस बच्चे मिलते भी हैं। बड़ी संख्या में लोग मोबाइल पर सोशल साइटों से जुड़े हैं।

लावारिस मिले बच्चे की तुरंत फोटो खींचकर इस साइट पर अपलोड की जा सकेगी, उधर अभिभावक भी लापता बच्चे का ब्योरा अपलोड करके उसकी तलाश कर सकेंगे।  इससे लापता बच्चों को ढूंढना आसान हो जाएगा। 
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