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असलहे की तस्करी करने वाला शातिर बदमाश गिरफ्तार, हत्या के प्रयास में जा चुका है जेल

Tue, 25 Feb 2020 03:15 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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पुलिस की गिरफ्त में तस्कर - फोटो : अमर उजाला
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एक दशक से असलहा तस्करी करने वाले शातिर बदमाश को गाजीपुर पुलिस ने रविवार देर रात को दबोचा लिया। पुलिस के मुताबिक, तस्कर आजमगढ़ व मुंगेर से बने असलहे मंगाकर लखनऊ सहित आधा दर्जन जिलों में सप्लाई करता था।

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पुलिस ने उसके पास से 11 अवैध असलहे बरामद किए हैं। उसके खिलाफ हत्या की कोशिश सहित आधा दर्जन मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है। डीसीपी उत्तरी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के मुताबिक, गाजीपुर प्रभार निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह, पॉलीटेक्निक चौकी प्रभारी विजय शंकर सिंह, एसआई जितेंद्र कुमार चौहान की टीम रविवार देर रात को पॉलीटेक्निक चौराहे पर चेकिंग कर रही थी।

इसी दौरान चौराहे पर ऑटो स्टैंड के पास एक व्यक्ति बैग लिए दिखा। पुलिस को देखकर वह छिपने की कोशिश की तो पकड़ा गया। तलाशी में 11 अवैध असलहे बरामद हुए, जिसमें पिस्तौल व तमंचा शामिल है।
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150 अवैध असलहों की कर चुका बिक्री

बरामद असलहे - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक, पकड़ा गया आरोपी सुल्तानपुर के बम्हरौली का रहने वाला सुरेंद्र उपाध्याय है। वह इस अवैध कारोबार में पिछले 10 साल से लगा है। डीसीपी उत्तरी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के मुताबिक, सुरेंद्र ने अब तक 150 अवैध असलहों की बिक्री कर चुका है।

वह जौनपुर, सुल्तानपुर, हरदोई, बाराबंकी व लखनऊ में असलहों की आपूर्ति करता था। वह आजमगढ़ के सरायमीर और बिहार के मुंगेर से असलहों की खरीद करता था। पुलिस टीम असलहा तस्कर गिरोह के नेटवर्क को खंगालने के लिए छह टीमें लगाई गई है। जो राजधानी के अलावा अन्य जिलों में नेटवर्क तलाश रही है। जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्य भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
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छह मुकदमे दर्ज

पुलिस की गिरफ्त में तस्कर - फोटो : अमर उजाला
एसीपी गाजीपुर दीपक कुमार सिंह के मुताबिक सुरेंद्र के खिलाफ सुल्तानपुर के दोस्तपुर थाने में सबसे पहला मुकदमा 2008 में हत्या के प्रयास का दर्ज हुआ था। वह इस मामले में जेल भेजा गया था। इसके बाद उसने असलहों की खरीद-फरोख्त शुरू कर दी।

उसके खिलाफ अब तक छह मुकदमें दर्ज हैं। इसमें लूट, हत्या के प्रयास के मुकदमे भी हैं। सबसे अधिक चार मुकदमा जौनपुर में दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, सुरेंद्र तमंचा मांग करने वाले की जरूरत के मुताबिक दो से तीन हजार रुपये में बेचता था।

वहीं मुंगेर की रिवॉल्वर व पिस्तौल को 8 से 15 हजार रुपये में बेचता था। सुरेंद्र लोगों की मांग पर भी असलहे मंगाता था।
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