पीपीगंज में दुष्कर्म कर नवजात को मां बनाने, नवजात की हत्या करने के आरोपित के घर सोमवार को फिर पुलिस ने दबिश दी, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। फरार आरोपित की तलाश में पुलिस टीम उसके रिश्तेदार और करीबियों के घर भी दबिश दे रही है। उधर, पुलिस ने नाबालिग मां को दो दिन की कस्टडी में लिया है।
मंगलवार को उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा फिर कोर्ट में 164 सीआरपीसी के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कराया जाएगा। खबर है कि कोर्ट में बयान के बाद केस में कुछ और नाम जुड़ सकते हैं। पुलिस के सामने दिए बयान में उसने आरोपित विभाष्म सिंह के मददगार कुछ लोगों का नाम लिया था।
रविवार को पुलिस ने नवजात की हत्या के मामले में उसकी नाबालिग मां को पकड़ा था। पुलिस ने उसे भी साक्ष्य छिपाने का आरोपित बनाते हुए जेल भेजा था। आरोपित विभाष्म सिंह का नाम सामने आने के बाद से ही पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है। मगर अभी तक वह पकड़ में नहीं आया है। घरवालों ने पुलिस को सौंपने का भी भरोसा दिलाया था।
यह हुआ था
सोमवार को दिनभर इंतजार के बाद विभाष्म नहीं पहुंचा तो पुलिस दोबारा उसके घर दबिश देने पहुंची, लेकिन वह नहीं मिला। दबाव बढ़ाने के लिए पुलिस आरोपित के घर के साथ ही उसके रिश्तेदारों और करीबियों के वहां भी दबिश दे रही है। एसओ कैंपियरगंज निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि नाबालिग मां का मंगलवार को मेडिकल, बयान कराया जाएगा। आरोपित की तलाश की जा रही है, जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
31 जनवरी को पीपीगंज इलाके के एक गांव में नवजात बच्ची की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चार फरवरी को पीपीगंज थानेदार राज प्रकाश सिंह की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। बाद में जांच कैंपियरगंज एसओ निर्भय नारायण सिंह के हवाले कर दी गई थी। इस मामले में शुरू से ही पुलिस टालमटोल कर रही थी।
जब अमर उजाला ने प्रमुखता से लगातार इस संबंध में खबरें प्रकाशित करनी शुरू कीं तो डीआईजी राजेश डी मोदक और एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने इसका संज्ञान लेकर कार्रवाई का आदेश दिया। इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने लापता किशोरी को खोज निकाला। उसके सामने आते ही पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।
पुलिस कानूनी कार्रवाई कर रही है। आरोपित की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है, जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसएसपी