पुलिस के मुताबिक, पकड़ा गया आरोपी सुल्तानपुर के बम्हरौली का रहने वाला सुरेंद्र उपाध्याय है। वह इस अवैध कारोबार में पिछले 10 साल से लगा है। डीसीपी उत्तरी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के मुताबिक, सुरेंद्र ने अब तक 150 अवैध असलहों की बिक्री कर चुका है।
वह जौनपुर, सुल्तानपुर, हरदोई, बाराबंकी व लखनऊ में असलहों की आपूर्ति करता था। वह आजमगढ़ के सरायमीर और बिहार के मुंगेर से असलहों की खरीद करता था। पुलिस टीम असलहा तस्कर गिरोह के नेटवर्क को खंगालने के लिए छह टीमें लगाई गई है। जो राजधानी के अलावा अन्य जिलों में नेटवर्क तलाश रही है। जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्य भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
पुलिस की गिरफ्त में तस्कर
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एसीपी गाजीपुर दीपक कुमार सिंह के मुताबिक सुरेंद्र के खिलाफ सुल्तानपुर के दोस्तपुर थाने में सबसे पहला मुकदमा 2008 में हत्या के प्रयास का दर्ज हुआ था। वह इस मामले में जेल भेजा गया था। इसके बाद उसने असलहों की खरीद-फरोख्त शुरू कर दी।
उसके खिलाफ अब तक छह मुकदमें दर्ज हैं। इसमें लूट, हत्या के प्रयास के मुकदमे भी हैं। सबसे अधिक चार मुकदमा जौनपुर में दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, सुरेंद्र तमंचा मांग करने वाले की जरूरत के मुताबिक दो से तीन हजार रुपये में बेचता था।
वहीं मुंगेर की रिवॉल्वर व पिस्तौल को 8 से 15 हजार रुपये में बेचता था। सुरेंद्र लोगों की मांग पर भी असलहे मंगाता था।