मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तीर्थाटन पर्यटन का प्रमुख अंग है। प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को और अच्छे से विकसित करेगी। अयोध्या, काशी, मथुरा, वृंदावन, नैमिषारण्य, विंध्याचल, प्रयागराज जैसे तीर्थस्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हमने अपनी आंखों पर सेकुलरिज्म की पट्टी बांधी हुई है। इस कारण हम अपनी संस्कृति व परंपरा का महत्व भूल रहे हैं। अयोध्या बोलने पर लोगों को ऐसा लगता है कि जैसे सांप्रदायिकता का जहर उन्हें निगल जाएगा।
मुख्यमंत्री रविवार को पर्यटन विभाग की ओर से ‘उत्तर प्रदेश में पर्यटन विकास’ पर आयोजित सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारे यहां अयोध्या में रामनवमी पर जितनी भीड़ होती है उतनी तो कई देशों की आबादी भी नहीं है। दुनिया के कई देशों का इतिहास महज दो से तीन हजार वर्ष पुराना है, जबकि आठ हजार साल पुराना इतिहास तो सिर्फ हमारे चित्रकूट पर्वत का ही है। नैमिष का इतिहास भी पांच हजार साल पुराना है।
योगी ने कहा कि भारत की संस्कृति व परंपरा को दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों ने खूब महत्व दिया है। थाईलैंड के राजा अपने आपको श्रीराम का वंशज मानते हैं। थाईलैंड की पुरानी राजधानी का नाम भी पहले अयोध्या था। दुनिया के सबसे बड़े मंदिर अंकोरवाट में एक पूरा कॉम्पलेक्स हिंदू-देवी देवताओं का है।
राम ने मिटाया था उत्तर-दक्षिण का भेद
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राम ने उत्तर से दक्षिण तक के भेदभाव को मिटाया था। उन्होंने उत्तर से लेकर दक्षिण तक जाकर सभी को एक सूत्र में पिरोने का काम किया। इसी प्रकार श्रीकृष्ण ने पूरब से पश्चिम को जोड़ने का काम किया। देश के कोने-कोने में स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग भी पूरे देश को जोड़ते हैं। भारत में राजनीतिक विविधता के बावजूद सांस्कृतिक एकता ही हमें एक-दूसरे से जोड़ती है।
धार्मिक स्थलों पर 24 घंटे बिजली
सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अयोध्या, देवीपाटन, चित्रकूट, शाकुंभरी देवी, विंध्याचल, नौमिषारण्य जैसे धार्मिक स्थलों पर 24 घंटे बिजली देने की शुरुआत की। ये स्थल आस्था के प्रतीक तो हैं ही, पर्यटन की दृष्टि से भी ये प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
इंडोनेशिया का मुख्य फेस्टिवल है रामायण
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडोनेशिया के मुस्लिम देश होने के बावजूद वहां जो करेंसी चलती है वह गणपति के नाम की है। वहां की एयरलाइंस गरुड़ के नाम पर है। वहां का नेशनल फेस्टिवल रामायण है जबकि रामलीला राष्ट्र का मुख्य आयोजन है। हमने कभी जोड़ने का काम नहीं किया। यदि सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का प्रयास किया होता आज तस्वीर कुछ और होती।
पर्यटन स्थलों को हवाई मार्ग से जोड़ेंगे
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मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन की बहुत संभावनाएं हैं। यहां के पर्यटन स्थलों को हवाई मार्ग से जोड़ा जाएगा। फैजाबाद, आजमगढ़, मुरादाबाद, मेरठ, झांसी, ललितपुर आदि में हवाई पट्टियां विकसित की जाएंगी। प्रदेश सरकार पर्यटन स्थलों को आपस में हेलीकॉप्टर से जोड़ेगी। कुशीनगर को इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की दिशा में काम हो रहा है।
हुगली से प्रयागराज तक स्टीमर से होगी यात्रा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने केंद्र सरकार से एक एग्रीमेंट किया है। इसमें हम कुंभ से पहले-पहले हुगली से लेकर प्रयागराज तक स्टीमर व शिप चलाएंगे। इसमें जहां लोग नदी के पर्यटन का आनंद उठा सकेंगे, वहीं सड़कों पर लगने वाले जाम से भी निजात मिल सकेगी।
पर्यटन के जरिए तेजी से बढ़ा सकते हैं अर्थव्यवस्था : रीता
महिला कल्याण एवं पर्यटन मंत्री प्रो. रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि पर्यटन के जरिए हम अपनी अर्थव्यवस्था को तेजी से बढ़ा सकते हें। हमारा प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में पीछे रह गया है। इसे अगले एक साल में पर्यटन के नक्शे पर स्थापित करना है। हमें यूपी के हर इवेंट को कम से कम नेशनल लेवल से शुरुआत करके इंटरनेशनल लेवल तक ले जाना है ।
वन स्टॉप टूरिज्म सॉल्यूशन पोर्टल लॉन्च
मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग की वन स्टॉप टूरिज्म सॉल्यूशन पोर्टल का उद्घाटन करने के साथ ही वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, इलाहाबाद, मथुरा, विंध्याचल, लखनऊ, नैमिषारण्य की अलग-अलग वेबसाइट लॉन्च की। इनमें पर्यटन स्थलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। सभी वेबसाइट उनके नाम के आगे जीओवी डॉट इन लगाने से खुलेंगी।