लखनऊ। सीएसआईआर आईआईटीआर के टेंडर में हुई धांधली की विवेचना हैदराबाद पुलिस ने लखनऊ स्थानांतरित कर दी है। अब वजीरगंज पुलिस इस मामले की छानबीन करेगी। आरोप है कि टेंडर हासिल करने के लिए वर्क ऑर्डर से छेड़छाड़ की गई थी।
भारत सरकार मिंट के जाली दस्तावेज से सीएसआईआर आईआईटीआर लखनऊ के टेंडर में धांधली का प्रयास हुआ। हाई वैल्यू टेंडर पाने के लिए वर्क ऑर्डर से छेड़छाड़ कर कंपनी का नाम बदला गया। यह मुकदमा पहले हैदराबाद में दर्ज हुआ था। मंगलवार को इसे वजीरगंज थाने में स्थानांतरित किया गया। इंस्पेक्टर राजेश कुमार त्रिपाठी मामले की पड़ताल कर रहे हैं। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले में भारत सरकार मिंट हैदराबाद के संयुक्त महाप्रबंधक वी. किरण कुमार ने एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर के अनुसार, भारत सरकार मिंट हैदराबाद ने वर्ष 2021 में क्लीन रूम वेंटिलेशन प्रोजेक्ट मेसर्स लैब नेशन को सौंपा था। इसके लिए 5.18 करोड़ रुपये का बजट आवंटित हुआ था। आरोप है कि वर्क ऑर्डर से छेड़छाड़ की गई और मेसर्स लैब नेशन के स्थान पर मेसर्स स्पेक्टेवो टेक्नोलॉजीज का नाम डाला गया। जाली प्रोजेक्ट स्कोप का इस्तेमाल आईआईटीआर लखनऊ के बीएसएल-थ्री लैब टेंडर में भी हुआ। फर्जीवाड़े में मेकॉन एनवायरो को भी आरोपी बनाया गया है। एफआईआर में मेसर्स स्पेक्टेवो टेक्नोलॉजीज के साझेदार व निदेशक शिव शंकर, मेसर्स लैब नेशन के निदेशक, किरन कुमारी और मेसर्स मेकॉन एनवायरो टेक्नोलॉजीज के निदेशक सीआर त्रिपाठी व संग्राम पटनायक काे आरोपी बनाया गया था।