मेहंदीगंज, केकेसी, एमईएस और गढ़ी कनौरा की करीब दो लाख आबादी की पेयजल किल्लत दूर होने वाली है।
ऐशबाग जलकल में बनाया गया 45 एमएलडी (मिलियन लीटर डेली) वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य पूरा हो गया। ट्रायल भी हो चुका है। सिर्फ एक गेट लगाने का काम शेष रह गया है। इस सप्ताह यह काम भी पूरा हो जाएगा।
इसके बाद जलकल से नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी और ऐशबाग जलकल से जुड़े इलाकों में पेयजल किल्लत दूर हो जाएगी।
ऐशबाग जलकल की क्षमता बढ़ाने के लिए ऐशबाग और गऊघाट के बीच नई राइजिंग मेनलाइन बिछाई गई है। बीते माह इसे चालू भी कर दिया गया। इसके बाद जलकल में पानी की उपलब्धता बढ़ गई है।
हालांकि अभी जलकल की वाटर ट्रीटमेंट क्षमता 200 एमएलडी ही है, लेकिन सप्ताह भर में यह भी बढ़ जाएगी। वाटर ट्रीटमेंट की क्षमता बढ़ाने के लिए ऐशबाग में लगाया गया 45 एमएलडी प्लांट शुरू हो जाएगा।
इससे जलकल से केकेसी जोनल, मेहंदीगंज, एमईएस (मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज) और गढ़ी कनौरा जोनल पम्पिंग स्टेशन को पानी मिलने लगेगा।
अभी यहां पर नलकूप से पानी की सप्लाई हो रही है, जो पर्याप्त नहीं है। महाप्रबंधक जलकल आरपी वर्मा का कहना है कि नया प्लांट शुरू होेने के बाद दो लाख से अधिक लोगों को फायदा होगा।
ऐशबाग जलकल से जुड़े जिन इलाकों में अभी पर्याप्त पानी नहीं दिया जा रहा है, वहां उपलब्धता बढ़ेगी।
दो जोनल पम्पिंग स्टेशनों को होगा अधिक फायदा
नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट शुरू होने के बाद केकेसी जोनल पम्पिंग स्टेशन व गढ़ी कनौरा को दोहरा फायदा होगा।
अभी यहां पर नलकूप से ही पानी सप्लाई होती है। प्लांट चालू होने के बाद इन जोनल पम्पिंग स्टेशनों को जलकल से भी पानी मिलने लगेगा। इसके लिए जलकल से जोनल पम्पिंग स्टेशन तक लाइन बिछाई जा चुकी है।
प्लांट के शुरू होने के बाद मेंहदीगंज व एमईएस को 10-10 एमएलडी पानी मिलने लगेगा। अभी एमईएस को ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई हो रही है।
इन्हें भी मिलेगा फायदा
बटलर पैलेस, लालबाग, हैवलक रोड व मीराबाई मार्ग जोनल पम्पिंग स्टेशनों को भी फायदा मिलेगा।
अभी इन इलाकों को जलकल से पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाता है, लेकिन जलकल की क्षमता बढ़ने के बाद इन इलाकों को भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा।