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चिंताजनक: घर में लगे पंपों से हर साल छह फीट नीचे जा रहा जलस्तर, लोग बोले- पर्यावरण बचाने को लानी होगी जागरुकता

Sat, 20 Sep 2025 09:00 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

घर में लगे पंपों से हर साल जलस्तर छह फीट नीचे जा रहा है। यूपी सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव में पर्यावरण बचाना अहम मुद्दा रहा। लोगों का कहना था कि पूर्वजों से जैसा पर्यावरण मिला है, वैसा ही पर्यावरण अपनी आने वाली पीढ़ी को देना हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए।
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सूखा पड़ा पंप, पानी के लिए बैठे लोग (सांकेतिक)
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) की ओर से शुक्रवार को यूपी सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव में एएमए हर्बल के को-फाउंडर और सीआईआई एमएसएमई संयोजक यावर अली शाह ने कहा कि शुद्ध हवा और शुद्ध पानी हमारी जिम्मेदारी है। हमें अपने पूर्वजों से जैसा पर्यावरण मिला है, वैसा ही पर्यावरण अपनी आने वाली पीढ़ी को देना होगा।

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उन्होंने कहा कि इसके लिए सबसे पहले घरों में इस्तेमाल होने वाले पानी में कमी लानी होगी। क्योंकि घरों में लगे पंप हर साल शहर के जलस्तर को तीन से छह फीट नीचे ले जा रहे हैं। हवा को शुद्ध बनाने के लिए अधिक पेड़ लगाने होंगे। 

लखनऊ मेट्रो के निदेशक रोलिंग स्टॉक एवं सिस्टम्स नवीन कुमार ने बताया कि लखनऊ मेट्रो में हम 300 से अधिक वॉटर हार्वेस्टिंग यूनिट्स की मदद से लगभग 50 लाख लीटर जल का संरक्षण कर रहे हैं। 

पर्यावरण को लेकर चिंतित लोग

ओमैक्स के बिजनेस हेड अंजनी पांडेय ने कहा कि अन्य सेक्टरों की तरह रियल एस्टेट सेक्टर भी पर्यावरण को लेकर चिंतित है। इसके दो प्रमुख कारण हैं एक आमजन में जागरुकता और दूसरा पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकार द्वारा बनाए गए नियम। वर्तमान में कोई भी घर या फ्लैट खरीदने से पहले लोग पूछते हैं कि आपका कितना एरिया ग्रीन कवर्ड है। ये भी सच है कि सस्टेनेबिलिटी को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रोजेक्ट के निर्माण में लागत बढ़ जाती है।

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