लखनऊ। तीसरे जलकल को पानी देने वाली कठौता झील में पानी कम होने के साथ ही दूषित पानी की आपूर्ति की समस्या भी पैदा हो गई है। गोमतीनगर के वास्तु खंड इलाके में दो दिनों से मटमैले रंग के पानी की आपूर्ति से लोग परेशान हैं। ऐसे में उन्हें पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
गोमतीनगर में बने तीसरे जलकल से इंदिरानगर और गोमतीनगर की करीब पांच लाख आबादी को पानी की आपूर्ति की जाती है। यह जलकल पूरी तरह से शारदा सहायक नगर के पानी पर निर्भर है। नहर 11 अक्तूबर से मरम्मत के लिए बंद कर दी गई है और करीब एक महीने तक बंद रहेगी। इस दौरान जलकल के पास बनी कठौता झील में जमा पानी से ही काम चलाया जा रहा है।
झील करीब 18 फीट गहरी है और इस समय करीब 14 फीट ही पानी बचा है। पानी कम होने से बालू और मिट्टी भी पानी के साथ जा रही है। गोमतीनगर के वास्तु खंड निवासी सीबी सिंह ने बताया कि कठौता झील और उसके आसपास के मकानों में रविवार रात और सोमवार सुबह मटमैला पानी आया। ऐसे में पीने के पानी का जार खरीदना पड़ रहा है। हालांकि, जलकल के जोनल अभियंता ओम प्रकाश का कहना है कि पानी की आपूर्ति में कोई समस्या नहीं है। जहां पर मटमैला पानी आने की शिकायत है, हो सकता है कि वहां पाइपलाइन में लीकेज हो। किसी और इलाके से ऐसी शिकायत नहीं आई है। जो समस्या है, उसे दूर कराया जाएगा।