बाराबंकी। सरयू नदी का जल स्तर घटने के बाद बाढ़ का खतरा कम होने के बावजूद तटीय गांवों में कटान ने परेशानी बढ़ा दी है। घटते जल स्तर से नदी के किनारे के गांवों में खेतिहर जमीन तेजी से कट कर पानी में समा रही है। इससे किसान परेशान हैं। हालांकि प्रशासन ने घोषणा की है कि जिन किसानों की जमीन कटेगी उन्हें 47 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा मिलेगा।
सरयू नदी का जल स्तर बृहस्पतिवार को खतरे के निशान से 47 सेंटीमीटर ऊपर तक पहुंचने के बाद शुक्रवार की शाम पांच बजे घटकर 31 सेंटीमीटर पर आकर स्थिर रहा। खतरे का निशान 106.070 मीटर है। सिरौलीगौसपुर तहसील के बघौली पुरवा, गोबरहा, तेलवारी, टेपरा, कहरान पुरवा, भयकपुरवा, सरायसुर्जन, भैरवकोल, सनावा, बीहड़, सिरौलीगुंग, तथा नदी के दूसरे छोर पर रायपुर, मांझा, बेहटा व परसवाल गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। पानी घटने के बाद अब सनावा, भयकपुरवा व टेपरा गांव में कटान का खतरा परेशान करने लगा है। लगातार कई दिनों से गांवों में बाढ़ का पानी भरा रहने से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है। इससे बचाव के लिए सिरौलीगौसपुर सीएचसी की मोबाइल यूनिट तटबंध पर दवा का वितरण कर रही है।