जलकल विभाग का दावा है कि आपूर्ति किए जाने वाला पेयजल पूरी तरह पीने योग्य है और किसी तरह के फिल्टर या आरो लागने की जरूरत नहीं है।
विभाग ने यह जानकारी एक जनसचूना अधिकार के तहत दी है। शहर के पेयजल की शुद्घता को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने जलकल विभाग से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी।
इसको लेकर जलकल विभाग अधिशासी अभियंता मुख्यालय की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया कि जलकल विभाग पेयजल आपूर्ति में तकनीकी एवं वैज्ञानिक प्रक्रिया अपनाता है।
पहले कच्चे जल को जलकल में शोधित एवं विसंक्रमित किया जाता है उसके बाद ही शहर में आपूर्ति की जाती है। जलकल अभियंता का कहना है कि आपूर्ति किए जाने वाला पानी सीधे पीने योग्य है।
विभाग पूरे शहर के विभिन्न स्थानों से पेयजल के नमूनों को एकत्रित कर राज्य स्वास्थ्य संस्थान से उनकी जांच कराता है।
इस पर आरटीआई कार्यकर्ता का कहना है कि जब पेयजल पूरी तरह पीने योग्य है तो लोगों को आरओ अथवा फिल्टरों की आवश्यकता क्यों पड़ती है।