प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर व अरविंद यादव के खिलाफ एसीजेएम इंद्र प्रकाश ने 5000 रुपये का जमानती वारंट जारी किया है। उन पर मतदान अधिकारी के साथ मारपीट, गाली-गलौज और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप है। मामले की अगली सुनवाई 20 नवम्बर को होगी।
उत्तर प्रदेश परिवहन मुख्यालय के अधिकारी व तत्कालीन मतदान अधिकारी श्रीकृष्ण सिंह राना ने 2 मई 1996 को वजीरगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि लोकसभा चुनाव में सुल्ताने मदारिस स्कूल में बने मतदान केंद्र के बूथ संख्या 192 के वह मतदान अधिकारी थे।
दोपहर लगभग एक बजे मतदान केंद्र पर मतदाता आना बंद हो गए तो वह बरामदे में खाना खाने जा रहे थे। तभी समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी राज बब्बर व अरविंद यादव अपने 5-7 साथियों के साथ आए और फर्जी मतदान करवाने का झूठा आरोप लगाते हुए उन्हें व पोलिंग एजेंट शिवकुमार सिंह को घेर लिया।
आरोप है कि राज बब्बर और उनके साथियों ने गालियां देते हुए उन लोगों को कई घूसें व थप्पड़ मारे। जिससे वादी के होंठ व शिवकुमार के गले व नाक पर चोटें आईं। बताया गया कि मौके पर मौजूद मतदान अधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव तथा वीके शुक्ला सहित पुलिस वालों ने उन्हें बचाया।
पुलिस ने विवेचना के बाद राज बब्बर व अरविंद यादव के खिलाफ सरकारी काम में बाधा, गाली-गलौज, मारपीट, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम तथा क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के आरोपों में 23 सितम्बर 1996 को चार्जशीट दाखिल कर दी।
राज बब्बर व अरविंद यादव कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे हैं। इस पर कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी करने का आदेश दिया है।