हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद निचली अदालत में हाजिर न होने पर अदालत ने सपा सांसद राकेश सचान के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है।
मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी। धोखाधड़ी करके दूसरे विद्यालय की जमीन को अपना दिखाकर इंजीनियरिंग कॉलेज की मान्यता लेने के आरोप के मामले में सीबीआई के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट नीलकांत मणि त्रिपाठी ने यह वारंट जारी किया।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने एक याचिका पर आरोपी राकेश सचान को चार सप्ताह के अंदर निचली अदालत में हाजिर होने और जमानत अर्जी पेश करने को कहा था।
एसओ ने महिला कांस्टेबल के हाथ पर लिख दिया ‘आई लव यू’
सोमवार को सचान की ओर से हाजिरी माफ करने की अर्जी देकर बताया गया कि संसद की कार्यवाही के चलते आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं हो पा रहा है।
सीबीआई के वकील पीके श्रीवास्तव ने आरोपी की अर्जी का विरोध किया जिस पर कोर्ट ने अर्जी खारिज करते हुए जमानती वारंट जारी किया।
पत्रावली के अनुसार सपा सांसद राकेश सचान पर आरोप है कि वह अभिनव शिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान कानपुर के चेयरमैन हैं।
आरोपी ने अनुभव इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट की मान्यता के लिए एआईसीटीई में आवेदन किया था तथा इसके लिए कानपुर के धारमपुर में स्थित दयानंद डंक पराग ग्रामोद्योग महाविद्यालय की जमीन को इंजीनियरिंग कॉलेज की जमीन दर्शाया था।
मामले की जांच के बाद आरोपी सांसद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया तथा सीबीआई ने चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। कोर्ट में हाजिर होने की जगह आरोपी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।