अयोध्या। मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में वार्ड इंचार्ज बदलने को लेकर चल रहे विवाद का पटाक्षेप हाे गया है। सोमवार को कॉलेज में हुई बैठक में शासनादेश का अनुपालन कराने पर सहमति बनी है। इस आधार पर अब छह-छह माह में इंचार्ज का प्रभार बदलेगा। इसी के तहत वर्ष 2032 तक का रोस्टर जारी कर दिया गया है।
एसएनसीयू की स्टाफ नर्सों ने वार्ड इंचार्ज मोहिनी तिवारी के खिलाफ मोर्चा खोला था। उन्होंने छह अप्रैल को प्राचार्य को पत्र लिखा था, जिस कोई कार्रवाई न होने पर 17 अप्रैल को सीएमएस को पत्र लिखकर वार्ड इंचार्ज बदलने की मांग की थी। इसके पीछे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक की ओर से जारी शासनादेश का हवाला भी दिया, जिसके अनुसार हर तीन या छह माह पर वार्ड इंचार्ज बदलने का प्रावधान है।
कार्यवाहक सीएमएस ने 18 अप्रैल को वार्ड इंचार्ज बदल दिया तो बखेड़ा खड़ा हो गया। एसएनसीयू के नोडल अधिकारी डॉ. पीयूष आनंद और विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद शुक्ला ने इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद कार्यवाहक प्राचार्य ने इस आदेश को रद्द करने का निर्देश दिया, तब स्टाफ नर्सों ने सीएमओ से शिकायत की। सोमवार को सीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचे और प्राचार्य, सीएमएस, बाल रोग विभागाध्यक्ष, नोडल अधिकारी, मेट्रन आदि के साथ बैठक की। इसके बाद वार्ड इंचार्ज का रोस्टर बदलने पर सहमति बनी।
वर्ष 2032 तक के तय हुए इंचार्ज
जारी रोस्टर के अनुसार एक मई से 31 अक्तूबर तक माधुरी वर्मा अगला इंचार्ज रहेंगी। इसके बाद छह-छह माह के लिए क्रमश: जूही वर्मा, संध्या उपाध्याय, पूजा दुबे, शैलेश मौर्या, आशा वर्मा, प्रहवी शुक्ला, प्रभा, सृष्टि यादव, रीमा रानी, दिव्या राय, दुर्गावती शुक्ला को जिम्मा सौंपा जाएगा। मौजूदा इंचार्ज रहीं मोहिनी शुक्ला को एक मई, 2032 को मौका मिलेगा। सीएमएस डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि अब किसी तरह का विवाद नहीं है। इस पर सभी पक्षों ने सहमति जताई है।