राज्य सरकार ने शिया-सुन्नी वक्फ बोर्डों में भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने दोनों बोर्डों को भंग कर उनके अध्यक्षों को हटाने की भी मुख्यमंत्री से सिफारिश की है। विभाग ने दोनों बोर्ड के अध्यक्षों पर वक्फ संपत्तियों में करोड़ों रुपये के घोटाले और अनियमितता का आरोप लगाया है।
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में शिया एवं सुन्नी वक्फ बोर्ड में हजारों करोड़ रुपये के घोटाले हुए।
लिहाजा सरकार ने शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड के घोटालों की सीबीआई जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को बर्खास्त करने के पर्याप्त आधार हैं। इन्हीं आधारों पर इनकी बर्खास्तगी के लिए मुख्यमंत्री से सिफारिश की है। दोनों बोर्ड के नामित सदस्यों को हटाया जा चुका है।
उधर, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री मोहसिन रजा का कहना है कि शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी और सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जुफर फारूकी को सुनवाई का अंतिम मौका देते हुए नोटिस दिया जाएगा। अगर वाजिब जवाब नहीं आता तो दोनों को हटा दिया जाएगा। इसके बाद दोनों बोर्ड में प्रशासक तैनात कर दिया जाएगा।