वक्फ बोर्ड के सीईओ अब जुगाड़ से नहीं बन सकेंगे। सरकार इनकी भर्ती विज्ञापन के जरिये करने जा रही है। शीघ्र ही इसका विज्ञापन जारी हो जाएगा।
इसके बाद चयन प्रक्रिया के जरिये शिया व सुन्नी दोनों ही वक्फ बोर्ड में सीईओ भर्ती किये जाएंगे।
प्रदेश सरकार पहली बार वक्फ बोर्ड के सीईओ के पद का विज्ञापन प्रकाशित करने जा रही है। विज्ञापन के जरिये ही आवेदन पत्र मांगे जाएंगे।
किसी भी विभाग के अफसर डेपुटेशन पर भी यहां आ सकते हैं। निश्चित चयन प्रक्रिया के जरिये ही शिया-सुन्नी वक्फ बोर्ड की कमान काबिल अफसरों को देने की तैयारी है। अभी तक मनमाने ढंग से इस पद पर नियुक्तियां की जाती थीं।
उत्तर प्रदेश में दो वक्फ बोर्ड हैं। इनमें शिया वक्फ बोर्ड व सुन्नी वक्फ बोर्ड शामिल हैं। सीईओ का पद काफी महत्वपूर्ण होता है।
वक्फ बोर्ड के निर्देशों का पालन करने के साथ ही ऑफिस के संचालन का पूरा जिम्मा इन्हीं पर होता है। ऐसे में राज्य सरकार इस पद पर अपने चहेते अफसरों को ही तैनात करती है। लेकिन पहली बार अखिलेश यादव की सरकार इस पद को बकायदा विज्ञापन के जरिये भरने जा रही है।
सचिव अल्पसंख्यक कल्याण देवेश चतुर्वेदी कहते हैं कि अच्छे अफसर यदि सीईओ बनकर आएंगे तो वक्फ बोर्ड की स्थितियां सुधर जाएंगी।
विज्ञापन के बाद सरकार के पास भी काफी विकल्प आ जाएंगे। सरकार वक्फ संपत्तियों पर हो रहे कब्जों को लेकर काफी गंभीर है। इसे बचाने के लिए काबिल सीईओ की भी जरूरत है।