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यूपीः सपा विधायकों ने की क्रास वोटिंग, पर शिवपाल दिखे रिलैक्स

Fri, 10 Jun 2016 04:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : Demo
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विधान परिषद की 13 सीटों के लिए शुक्रवार सुबह नौ बजे शुरू हुई वोट‌िंग खत्म हो चुकी है। 404 व‌िधायकों में से 402 व‌िधायकों ने वोट डाला। क्रॉस वोट‌िंग को लेकर पूरी द‌िन चर्चाएं गरम रहीं। सपा व‌िधायकों की क्रॉस वोट‌िंग पर कैब‌िनेट मंत्री श‌िवपाल यादव ने कहा क‌ि एक-दो क्रॉस वोट‌िंग हुई होंगी। हमारे सारे प्रत्याशी जीतेंगे। वहीं क्रॉस वोट‌िंग करने वालों पर कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा क‌ि अमर स‌िंह श‌न‌िवार को उन्हें जवाब देंगे। 
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वहीं बीएसपी से निलंबित विधायक राजेश त्रिपाठी ने सपा को वोट दिया। बता दें क‌ि चुनावी साल में गलत संदेश न जाए इसलिए सभी प्रमुख दल क्रॉस वोटिंग रोकने की पूरी कोशिश में लगे रहे लेक‌‌िन पीस पार्टी के अध्यक्ष अय्यूब खान ने क्रॉस वोट‌िंग की बात कहकर खलबली मचा दी।

अय्यूब खान ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया वहीं क्रॉस वोटिंग के सवाल पर सपा विधायक शारदा प्रसाद शुक्ला भड़क गए। उन्होंने कहा कि मैंने कोई क्रॉस वोटिंग नहीं की है अफवाह उड़ाने वाले गद्दार हैं।
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वहीं सपा के गुड्डू पंडित और मुकेश शर्मा संगीत सोम के साथ वोट देने पहुंचे। गुड्डू पंड‌ित ने कहा, उनके स‌िर पर कोई वार करेगा तो क्या चुप बैठे रहेंगे। उन्होंने कहा, मैंने अपनी बुद्ध‌ि से काम क‌िया है। वहीं संगीत सोम ने कहा क‌ि बीजेपी के दोनों कैंडीडेट जीतेंगे। वहीं क्रॉस वोट‌िंग को लेकर कांग्रेस का कहना है क‌ि बीजेपी ने व‌िधायकों की खरीद-फरोख्त की है।  बीजेपी के आदर्शों की पोल खुल गई है।

विधान परिषद की 13 सीटों पर कुल 14 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें सपा के 8, बसपा के 3, भाजपा के 2 और कांग्रेस का 1 उम्मीदवार है। भाजपा के 41 विधायक हैं लेकिन उसने दूसरे प्रत्याशी के रूप में दयाशंकर सिंह को उतारकर मतदान की नौबत ला दी है।

भाजपा की रणनीति से सपा, कांग्रेस और बसपा खेमे में खलबली है। तीनों दल अपने विधायकों को सहेजने के साथ ही भितरघात को थामने की कोशिशों में जुटे हैं। वे निर्दलीय और छोटे दलों से लगातार संपर्क साधे हुए हैं। दूसरे दलों में सेंधमारी के प्रयास हो रहे हैं।

सपा को रालोद के समर्थन से राहत

व‌िधान पर‌िषद चुनाव - फोटो : amar ujala
जीत के लिए चाहिए 29 वोट
विधान परिषद के चुनाव में पहली वरीयता के मतों से जीत हासिल करने के लिए 29 वोटों की जरूरत है। जिन उम्मीदवारों को वरीयता में 29 या उसके अधिक वोट मिलेंगे वे निर्वाचित घोषित हो जाएंगे लेकिन यदि इससे कम वोट मिले तो अगली प्रिफरेंस के वोटों की गिनती से हार-जीत का फैसला होगा।
सपा को रालोद के समर्थन से राहत
सपा के कुल 229 विधायक हैं। आठ प्रत्याशी जिताने के लिए उसे 232 विधायकों का वोट चाहिए लेकिन कुछ विधायकों के क्रास वोटिंग करने की अटकलें हैं। ये विधायक सपा से नाराज चल रहे हैं और 2017 के चुनाव में उनका ठिकाना कोई और दल होगा। इनके भितरघात की आशंका से सपा ने डैमेज कंट्रोल पर काफी ध्यान दिया है।

सपा को रालोद के समर्थन से राहत मिली है। रालोद के आठ विधायक हैं। इसके अलावा सपा को पीस पार्टी के तीन, कौमी एकता दल के दो, इत्तेहाद- ए- मिल्लत कौंसिल के एक तथा पांच निर्दलीय विधायकों के समर्थन का भरोसा है।

बसपा को जुटाने हैं 7 से ज्यादा अतिरिक्त वोट

बसपा सुप्रीमो मायावती - फोटो : amar ujala
बसपा के 80 विधायक हैं और उसने तीन प्रत्याशी उतारे हैं। तीनों को पहली वरीयता के मतों से जीत दिलाने के लिए 7 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है। बसपा को तृणमूल विधायक का समर्थन हासिल है।

बसपा के कुछ विधायकों के बागी तेवर अख्तियार करने की भी आशंका है। ऐसे में बसपा को और ज्यादा वोटों का इंतजाम करने के लिए चुनावी कौशल दिखाना पड़ेगा। बसपा की नजर निर्दलीय व छोटे दलों के साथ ही सपा व दूसरी पार्टियों के विधायकों पर भी है।

भाजपा को दूसरे दलों में तोड़फोड़ की उम्मीद
भाजपा ने 41 विधायकों के भरोसे दो प्रत्याशी उतारे हैं। पहले प्रत्याशी को 29 वोट आवंटित करने के बाद दूसरे प्रत्याशी के लिए उसके पास 12 वोट बचते हैं। उसे एनसीपी, अपना दल और एक निर्दलीय का समर्थन हासिल है।

सपा के बागी रामपाल यादव, एक कांग्रेस और एक बसपा विधायक उनके संपर्क में बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद भाजपा को दूसरा प्रत्याशी जिताने के लिए 11 और वोटों की जरूरत है। उसकी उम्मीदें सपा, कांग्रेस और बसपा के असंतुष्टों पर टिकी हैं।

कांग्रेस में विधायकों को थामे रखने की चुनौती

विधानसभा में कांग्रेस के 29 विधायक हैं। यदि वे एकजुट होकर मतदान करें तो एक प्रत्याशी को जिता सकते हैं। लेकिन, कांग्रेस में भी कुछ विधायकों के क्रास वोटिंग की आशंका है।

कांग्रेस को कुछ अतिरिक्त मत जुटाने हैं। सपा से सहमति के बाद रालोद के तीन वोट कांग्रेस को मिलने की संभावना है। इसके अलावा भी कांग्रेस नेता जोड़तोड़ में जुटे हैं।

उनकी कोशिश है कि पहली वरीयता में परिषद की सीट जीत लें। यदि कांग्रेस में भितरघात की आशंका सही साबित हुई तो कांग्रेस प्रत्याशी को जीत के लिए अगली वरीयता के मतों पर निर्भर रहना होगा।
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विधानसभा में पार्टियों की स्थिति

- फोटो : amar ujala
सपा----229
बसपा----80
भाजपा----41
कांग्रेस----29
रालोद----08
पीस पार्टी----04

कौमी एकता दल----02
एनसीपी----01
टीएमसी----01
अपना दल----01
आईएमसी----01
निर्दलीय----06
कुल विधायक----403

मतगणना शाम 5 बजे से
विधान परिषद चुनाव के लिए सुबह 9 से 4 बजे तक मतदान होगा और मतगणना शाम 5 बजे प्रारंभ होगी। पहली वरीयता के 29 वोट पाने वाले उम्मीदवार निर्वाचित घोषित कर दिए जाएंगे। जो प्रत्याशी जीत के लिए जरूरी वोटों का कोटा पूरा नहीं कर पाएंगे, उनके अगली वरीयता के मतों की गिनती होगी।
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