प्रदेश के इंटर कॉलेजों में रोजगारपरक शिक्षा देने की तैयारियां तेज हो गई हैं। केंद्र सरकार की पहल पर शुरू हो रही वोकेशनल एजूकेशन का खाका तैयार करने के लिए अन्य राज्यों का अध्ययन किया जाएगा।
इसके लिए अधिकारियों की तीन टीमें चार राज्यों में भेजी गई हैं। इन टीमों का मकसद खास तौर से वोकेशनल एजूकेशन के लिए शिक्षकों की तैनाती का अध्ययन करना है।
केंद्र सरकार ने दो साल पहले सभी राज्यों से इंटर कॉलेजों में वोकेशनल एजूकेशन देने को कहा था। प्रदेश में इसकेलिए पहली किस्त के तौर पर पांच करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं।
पहले चरण में प्रदेश केकरीब 100 राजकीय कॉलेजों में वोकेशनल एजूकेशन की शुरुआत की जाएगी। हर कॉलेज को इन पांच में से दो ट्रेड चुनने होंगे और पहले साल हर ट्रेड के लिए एक-एक शिक्षक की तैनाती करनी होगी।
इस तरह हर कॉलेज में शुरुआत में दो-दो शिक्षक रखे जाने हैं। फिलहाल संविदा पर शिक्षक रखने की योजना है। इसके अलावा इन कोर्स के लिए प्रयोगशाला और अन्य ढांचा भी तैयार किया जाएगा।
यह योजना ठीक से लागू हो, इसके लिए सरकार ने अलग-अलग राज्यों में तीन टीमें भेजी हैं। उप निदेशक, माध्यमिक शिक्षा विकास श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक टीम पंजाब, हरियाणा और संयुक्त शिक्षा निदेशक बरेली माया निरंजन के नेतृत्व में दूसरी टीम मध्य प्रदेश गई है।
वहीं उप निदेशक प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम हिमाचल प्रदेश जाकर लौट आई है। जल्द ही ये टीमें अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगी।
इन टीमों की रिपोर्ट केआधार पर शिक्षकों की नियुक्ति और अन्य ढांचगत सुविधाओं का खाका तैयार कर अगले सत्र से व्यावसायिक शिक्षा लागू की जाएगी। तब तक बजट की दूसरी किस्त भी मिलने की उम्मीद है।