कल्पना ने कहा कि, उनके पति की हत्या के आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी का समर्थन करने वाले सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर रहे हैं। पुलिस एक अनुशासित बल है, जबकि आरोपी सिपाही के साथी उसे निर्दोष बताने के साथ आला अधिकारियों पर टिप्पणी कर रहे हैं। यह अनुशासनहीनता है। आला अधिकारियों को इसे संज्ञान में लेकर रोकना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस झंडा दिवस मनाती है। डीजीपी सिपाहियों के साथ बैठकर खाना खाते हैं। उनका मनोबल बढ़ाते हैं। इसका यह मतलब नहीं कि पुलिसकर्मी बेलगाम हो जाएं। गलतियों और अनुशासनहीनता में इनके खिलाफ कार्रवाई भी करनी चाहिए।
कल्पना ने कहा हत्यारोपी सिपाही प्रशांत चौधरी का समर्थन करने वालों ने मर्यादा की हदें पार कर दी हैं। ऐसे लोगों ने प्रशांत को बेगुनाह बताने के साथ ही उनके प्रति भी अभद्र बातें पोस्ट की हैं। यह सब देख और सुनकर मेरी तकलीफें बढ़ जाती हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया पर ही धमकाने वाले लेख लिख रहे हैं। इस पर भी पुलिस के आला अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए।