क्राइम सीन रिक्रिएट करते एसएसपी व अन्य अधिकारी
गोमतीनगर के विवेक तिवारी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस ने बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार को शनिवार देर शाम जेल से लाकर क्राइम सीन के रीक्रिएशन के साथ रात भर पूछताछ की।
रिमांड की अवधि पूरी होने से पहले रविवार सुबह दोनों को जेल पहुंचा दिया गया। इस दौरान संदीप खुद को बेगुनाह बताकर रोता रहा और अफसरों को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी।
उसके सरकारी गवाह बनने के आसार नजर आ रहे हैं। गोसाईंगंज की अहिमामऊ पुलिस चौकी में दोनों को अलग-अलग कमरों में रखकर पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों ने पूछताछ शुरू की।
प्रशांत चौधरी ने आत्मरक्षार्थ पिस्टल निकालने और अचानक गोली चलने की कहानी सुनाई, जबकि संदीप कुमार अफसरों से सामना होते ही रोने लगा। खुद को बेकसूर बताते हुए बोला कि पहली बार प्रशांत के साथ ड्यूटी पर निकला था।
एसयूवी से बाइक की टक्कर होने पर वह भी गिर गया था। संभला और माजरा समझ ही रहा था कि प्रशांत चौधरी के पिस्टल से फायर हुआ। एसयूवी तेजरफ्तार से भागी और आगे अंडरपास के पिलर से जा टकराई। उसने अफसरों को विस्तार से घटनाक्रम बताने के साथ रहम की गुहार लगाई।