राजधानी के बहुचर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड की पड़ताल कर रही एसआईटी ने बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी को हत्या और संदीप कुमार को मारपीट का दोषी माना है। एसआईटी प्रमुख आईजी रेंज सुजीत पांडेय ने बुधवार को जांच रिपोर्ट एडीजी जोन को सौंप दी।
रिपोर्ट में सीओ, कोतवाल व अन्य पुलिसकर्मियों की लापरवाही भी उजागर की गई है। इसके साथ विवेचक ने प्रशांत पर हत्या और प्रशांत पर मारपीट का मुकदमा चलाने के लिए आरोपपत्र जारी किया। उसे बृहस्पतिवार को न्यायालय में दाखिल किया जाएगा।
पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडेय ने बताया कि एपल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की 28 सितंबर की रात गोमतीनगर इलाके में गोली मारकर हत्या की निष्पक्षता से पड़ताल के साथ मीडिया व अन्य लोगों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर छानबीन की गई। सीबीआई की तर्ज पर विवेचना में वैज्ञानिक संसाधनों के इस्तेमाल के साथ साक्ष्य एकत्र किए गए।
हत्याकांड में बर्खास्त करके गिरफ्तार किए गए आरक्षी प्रशांत चौधरी के खिलाफ हत्या के पुख्ता साक्ष्य मिले, जबकि आरक्षी संदीप कुमार को वारदात के वक्त एसयूवी में सवार विवेक तिवारी की सहकर्मी को डंडा मारने का दोषी पाया गया।
हत्याकांड की 81 दिन की पड़ताल में क्राइम सीन का दो बार रीक्रिएशन और 32 स्थानों पर छानबीन के साथ 68 लोगों के बयान दर्ज किए गए। हाथ लगे दो सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हुआ कि सिर्फ 37 सेकंड में वारदात अंजाम दी गई थी।