उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तविहीन अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को बड़ी सौगात दी है। प्रदेश कैबिनेट ने हर साल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर पर प्रत्येक मंडल से एक शिक्षक को ‘मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार’ से सम्मानित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वित्तविहीन शिक्षकों के प्रोत्साहन को लेकर योगी सरकार का यह बड़ा कदम है।
प्रदेश में 19,275 वित्तविहीन अशासकीय माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए किसी तरह के प्रोत्साहन या पुरस्कार की व्यवस्था अब तक नहीं थी। सरकारी व वित्त पोषित विद्यालयों के शिक्षकों को केंद्र व राज्य सरकार की ओर से पुरस्कृत करने की योजना चल रही है।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को अब मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक मंडल से एक शिक्षक को यह पुरस्कार मिलेगा।
पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये नकद दिए जाएंगे। प्रति वर्ष 18 शिक्षकों को ये पुरस्कार पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के जन्मदिन पर दिए जाएंगे। पुरस्कार के लिए शिक्षक की 15 वर्ष और प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक की 20 वर्ष की लगातार सेवा जरूरी है।