लखनऊ। पारा के मोहान रोड स्थित राजकीय दृष्टि बाधित इंटर कॉलेज के हॉस्टल में शुक्रवार सुबह 10वीं के दृष्टिबाधित छात्र नितेश कुमार शर्मा (19) ने फंदा लगा लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग (फंदा लगाने) बताया गया है। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
इंस्पेक्टर पारा सुरेश सिंह के मुताबिक नितेश सीतापुर की एक युवती से एकतरफा प्रेम करता था। युवती की रविवार को शादी है। आशंका है कि एकतरफा प्रेम में आहत होकर नितेश ने आत्महत्या की है।
सीतापुर के बरवाडीह मंगरुआ के नितेश कक्षा चार से कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे। सुबह 8:30 बजे तक वह हॉस्टल के कमरे से नहीं निकले तो सहपाठियों ने आवाज देकर दरवाजा खटखटाया। कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर स्कूल प्रबंधन और सिक्योरिटी गार्ड को जानकारी दी।
गार्ड दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए तो नितेश छत पर लगे कुंडे से रस्सी के सहारे फंदे पर लटके मिले। उन्हें रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि घटनास्थल से सुसाइड नोट नहीं मिला है। कॉलेज प्रबंधन ने घटना की जानकारी नितेश के पिता ओम प्रकाश और मां गुड्डी देवी को दे दी है।
तीन दिन पहले भाई से हुई थी बात
भाई सर्वेश ने बताया कि तीन दिन पहले उनकी नितेश से बात हुई थी। इस दौरान वह सामान्य लगा। उसने किसी परेशानी का भी जिक्र नहीं किया। नितेश ने आत्महत्या क्यों की, इस बारे में परिजन कुछ भी बता नहीं पा रहे हैं। मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। कॉलेज में भी सन्नाटा पसरा रहा।
जिम्मेदार बयान देने से कतराते रहे
घटना को लेकर स्कूल प्रशासन से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने इससे इन्कार कर दिया। वे कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुए। स्कूल दिव्यांग कल्याण विभाग के अधीन है, लिहाजा जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी शशांक सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई। हालांकि, उनकी तरफ से भी कोई जवाब नहीं मिला। मामले में स्कूल प्रशासन की कहीं न कहीं लापरवाही भी रही। खासकर छात्रों की देखरेख और निगरानी में। अंदेशा है कि शायद इसलिए वे बयान देने तक में कतराते रहे।