विधानसभा में दोपहर करीब ढाई बजे अधिष्ठाता जय प्रताप सिंह ने पूर्व मंत्री सिद्धार्थनाथ को बोलने के लिए कहा। इस पर सपा सदस्य हंगामा करने लगे। उनका कहना था कि विधानसभा अध्यक्ष ने कहा था कि सत्ता पक्ष के दो विधायकों के बाद विपक्ष का एक विधायक बोलेगा। इस नियम का पालन किया जाए। हंगामा बढ़ने पर सिद्धार्थनाथ बैठ गए और फिर सपा से संग्राम सिंह यादव ने बात रखी। उन्होंने कहा कि पीडीए समाज को गुलाम बनाने की साजिश रची जा रही है। स्कूलों को बंद किया जा रहा है।
बिजली निजीकरण का हुआ विरोध
विधानसभा में विजन डाक्यूमेंट 2047 पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने बिजली के निजीकरण का जमकर विरोध किया। सपा विधायक संग्राम सिंह ने कहा कि बिजली हर व्यक्ति से जु़ड़ी हुई है। इसका किसी भी कीमत पर निजीकरण नहीं किया जाना चाहिए। ऊर्जा विभाग में आउटसोर्सिंग कर्मियों को नौकरी से निकालने के बजाय उनके अनुभव को देखते हुए स्थायीकरण करना चाहिए। विधायक अमिताभ वाजपेयी ने कहा कि पूरे प्रदेश की बिजली व्यवस्था ध्वस्त है। बिजली की जांच करने जाने वाली टीम की रिकार्डिंग की जाए तो पता चल जाएगा कि जांच के नाम पर कैसे शोषण किया जा रहा है? उन्होंने बिजली निजीकरण का विरोध किया।
इंद्रजीत के बयान को बताया हिंदुत्व का अपमान
सपा विधायक इंद्रजीत सरोज ने बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि जन्म लेना मेरे हाथ में नहीं है और मरना मेरे हाथ में हैं। इसे सत्ता पक्ष के शलभ मणि ने हिंदुत्व का अपमान बताया। विधायक डा. मनोज पांडेय ने भी कहा कि डा. आंबेडकर के बहाने हिंदुत्व पर हमला बोला जा रहा है। यह समूचे हिंदुओं का अपमान है। हिंदु धर्म की सहिष्णुता की परीक्षा ली जा रही है।
यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर।
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विजन डाक्युमेंट 2047 पर चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की। जब सपा की सरकार थी तो पीडीए की याद नहीं आई। हमारा विजन अलग है। रोहिणी आयोग की बात सपा और कांग्रेस नहीं बोलेगी। लेकिन जब तक 27 फीसदी आरक्षण में बंटवारा नहीं होता है तब तक पीडीए समाज का भला नहीं होगा। इस दौरान उन्होंने पंचायती राज विभाग की उपलब्धियां गिनाते हुए 2047 के लक्ष्य को बताया।