सूत्रों के अनुसार, विहिप के शीर्ष नेतृत्व ने हर छोटे-बड़े, गरीब और अमीर व्यक्ति की बराबर भागीदारी को ध्यान में रखते हुए हर हिंदू परिवार से 1 से 10 रुपये की दक्षिणा दान के अभियान का तानाबाना बुना है। कोई व्यक्ति इससे ज्यादा देना चाहता है तो वह चेक या अन्य माध्यम से सीधे दे सकता है लेकिन अभियान के तहत अधिकतम 10 रुपये ही लिए जाएंगे ताकि किसी को हीन भाव का एहसास न हो। अयोध्या आने वाला हर हिंदू परिवार इस मंदिर से अपना भावनात्मक लगाव महसूस कर सके।
मंदिर आंदोलन के प्रमुख नेतृत्वकर्ताओं में एक अशोक सिंहल मंदिर आंदोलन को हिंदू शक्ति चेतना का प्रतीक बनाने के साथ ही इसे सामाजिक समरस्ता के सरोकारों से भी जोड़ना चाहते थे। इसीलिए विहिप ने हर हिंदू परिवार से दान लेने की रणनीति बनाई है।
विहिप के एक प्रमुख पदाधिकारी कहते भी हैं कि मंदिर निर्माण के लिए कई बड़े लोग दान देने को तैयार बैठे हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि देश व विदेश के सभी हिंदू परिवार कह सकें कि अयोध्या के ऐतिहासिक श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में उनका धन भी लगा हुआ है। इससे उन परिवारों की भावी पीढ़ियां इस मंदिर के साथ भावनात्मक लगाव महसूस कर सकेंगी।