लखनऊ। गोमती नगर स्थित संस्था विपुलम् ने अपने 23वें सम्मान समारोह में बदायूं के गीतकार नरेंद्र गरल को राम अक्षय वर दुबे स्मृति विपुलम् सम्मान से नवाजा गया। शायरा और लोकगायिका डॉ. मालविका हरिओम को स्व. चंद्रावती दुबे स्मृति विपुलम् विदुषी सम्मान दिया गया। कवि कमल आग्नेय को प्रशांत दुबे मेमोरियल विपुलम् युवा पुरस्कार से नवाजा गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सभी सम्मानित रचनाकारों को बधाई दी।
कार्यक्रम की शुरुआत 10 वरिष्ठजनों को विपुलम् वरिष्ठ नागरिक सम्मान से सम्मानित करने के साथ हुई। इनमें पूर्व आईएएस अधिकारी श्रीप्रकाश सिंह और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक आरकेएस राठौर प्रमुख थे। उप मुख्यमंत्री ने विपुलम् संरक्षक डॉ. आरएस दुबे की पुस्तक अनकही बात के लिए उन्हें राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान उप्र की ओर से घोषित साहित्य बंधु सम्मान भी प्रदान किया।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता नीरज सिंह, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. हरिओम, विपुलम् के अध्यक्ष आत्म प्रकाश मिश्र और संरक्षक डॉ. आरएस दुबे आदि उपस्थित रहे। सम्मान समारोह का संचालन कवयित्री वत्सला पांडेय ने किया।
यदि बंटोगे पिया तो कटोगे पिया...
सम्मान समारोह के बाद कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। हास्य कवि सर्वेश अस्थाना के संचालन में कवि प्रियांशु गजेंद्र ने अपनी रचनाओें से श्रोताओं का खूब मनोरंजन किया। हास्य और शृंगार की रचनाओं पर खूब तालियां बजीं। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध रचना सुनाई- प्यार की राह से यदि हटोगे पिया, जाके सौतन से तुम यदि सटोगे पिया, प्यार समझो इसे चाहे चेतावनी, यदि बंटोगे पिया तो कटोगे पिया...। मालविका हरिओम ने पढ़ा- रोज कटते हैं और मरते हैं, पेड़ अब आदमी से डरते हैं। कवि कमल आग्नेय ने पढ़ा- नेताजी सुभाष जैसे कलेवर को क्या मिला... कमल हातवी ने सुनाया- इश्क शर्तों पर यार नहीं हो सकता...। नरेंद्र गरल ने सुनाया जाने क्या बात है, आज हम बेवहज खिलिखिलाने लगे हैं, रात है और बहती नदी में, दीप से झिलमिलाने लगे हैं। विशिष्ट अतिथि आईएएस और शायर डॉ. हरिओम ने अपनी मशहूर रचना- सिकंदर हूं मगर हारा हुआ हूं... सुनाकर दर्शकों का दिल जीता।
सम्मान समारोह में मौजूद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और सम्मानित रचनाकार। -संवाद
सम्मान समारोह में मौजूद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और सम्मानित रचनाकार। -संवाद
सम्मान समारोह में मौजूद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और सम्मानित रचनाकार। -संवाद
सम्मान समारोह में मौजूद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और सम्मानित रचनाकार। -संवाद