गांवों में दबंगई का क्या आलम है, इसकी तस्दीक यह खबर कर रही है। बात-बेबात पर नाक काटने की बात करने वाले कुछ लोगों ने आज गांव में ही महाभारत रच डाली।
राजधानी के निगोहां थाना क्षेत्र के भैरमपुर गांव में 12 वर्षीय रोहित का पगडंडी पर खेलना उसके ही परिवार के लिए काल साबित हो गया।
सूत्रों के मुताबिक, खुद को गांव का दादा समझने वाले सत्यनारायण खेत से लौट रहे थे कि उन्हें रोहित पगडंडी पर खेलता हुआ दिखा। उन्होंने रोहित को डांटते हुए रास्ता खाली करने को कहा।
बालहठ में रोहित ने उन्हें अनसुना कर दिया और खेल में मस्त हो गया। सत्यनारायण ने दोबारा चीखा, तो रोहित के पापा बाहर निकल आए। उन्होंने हंसी के अंदाज में सत्यनारायण से बच्चे को पुचकारते हुए रास्ता खाली करने की सलाह दी।
यह बात सत्यनारायण को रास नहीं आई और उन्होंने बहसबाजी शुरू कर दी। रोहित के परिवार की ओर से भी ऊंची आवाज में बात शुरू हो गई।
इतनी सी बात पर महाभारत शुरू हो गई। सत्यनारायण के परिवार वाले लाठी-डंडे लेकर निकल आए और कहासुनी बढ़ते ही रोहित के परिवार पर लाठियां बरसाने लगे।
इस लड़ाई में रोहित के परिवार के आठ लोग घायल हो गए। रोहित की मां की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। उन्हें दो परिजनों के साथ बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस दौरान, पुलिस ने मारपीट का मामला दर्ज करते हुए तफ्तीश शुरू कर दी है। हालांकि, दूसरी तरफ सत्यनारायण के परिवार की गुंडई से आजिज गांव वालों ने उसके घर पर तोड़फोड़ और आगजनी भी कर डाली।