युवक की हत्या के बाद 11 सिंतबर को मलिहाबाद के भतोइया गांव के लोगों ने लखनऊ-हरदोई मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान गांव का पप्पू कुरैशी गंभीर रूप से घायल हो गया। रविवार रात को ट्रॉमा सेंटर में उसकी मौत हो गई। सोमवार को पप्पू के परिवारीजन व ग्रामीणों ने मुआवजे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हाइवे पर जाम लगा दिया। एसपी ग्रामीण के आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ। इस दौरान करीब दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा।
मलिहाबाद के भतोइया गांव निवासी युवक की 10 सितंबर को हत्या कर दी गई थी। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने 11 सितंबर को लखनऊ-हरदोई हाइवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया था। पुलिस से हिंसक झड़प हुई जिसमें पप्पू कुरैशी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे एक नुकीली वस्तु गर्दन में धंस गई थी। उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया जहां उसकी रविवार को मौत हो गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस की गोली से पप्पू घायल हुआ था। हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया।
पुलिस के मुताबिक, वह प्रदर्शन के दौरान भगदड़ में घायल हुआ था। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवारीजनों को सुपुर्द कर दिया। परिवारीजन उसका शव लेकर गांव पहुंचे। इसके बाद लखनऊ-हरदोई हाइवे पर जाम लगा दिया। परिवारीजनों की मांग थी की वह घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। परिवार के गुजर-बसर केलिए एक सदस्य को सरकारी नौकरी, दस लाख रुपये आर्थिक मदद, दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
प्रदर्शन की सूचना पर इंस्पेक्टर चिरंजीव, सीओ मलिहाबाद नईमुल हसन, एसडीएम अजय राय पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों को मना रहे थे लेकिन वह अपनी जिद पर अड़े थे। इसी बीच एसपी ग्रामीण हृदेश कुमार पहुंचे। उन्होंने परिवारीजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम समाप्त हो सका। उन्होंने तहसील प्रशासन की मदद से जमीन का पट्टा, एक पक्की दुकान, पप्पू की पत्नी शहनाज को विधवा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायत दिलाने का आश्वासन दिया।