एसआईटी ने महोबा पुलिस के माथे से क्रशर व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत का कलंक मिटाने की कोशिश के साथ ही पुलिस पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगाया है, लेकिन विजिलेंस इस तथ्य को अपनी जांच में रिपोर्ट का आधार बना रही है। वह एसआईटी की जांच में स्थानीय पुलिस कर्मियों पर उठाए गए सवालों का परीक्षण करेगी।
एसआईटी ने शुक्रवार रात को महोबा में जांच का खुलासा करते हुए संकेत दिए थे कि क्रशर व्यापारी की मौत उसकी ही लाइसेंसी पिस्टल से हुई थी और मौके पर कोई दूसरा नहीं था। हालांकि एसआईटी ने साफ तौर पर यह नहीं कहा कि व्यापारी ने खुद को गोली मारी और न ही यह कहा कि महोबा के तत्कालीन एसपी एमएल पाटीदार व अन्य पुलिस कर्मियों ने व्यापारी से अवैध वसूली की कोशिश की। अलबत्ता एसआईटी ने यह जरूर माना है कि जिस तरह से व्यापारी का वीडियो वायरल किया गया व उसका नाम जुआ खेलने के मुकदमे में लाया गया, उससे पुलिस की कदाशयता जाहिर होती है। मतलब यह कि पुलिस ने किसी खास मंशा से ऐसा किया। यानी सीधे तौर पर आरोप भी नहीं लगाया गया और अंगुली भी उठा दी गई।